मुम्बई में भिखारी ठाकुर की रचित गीतों की गोप करेंगे प्रस्तुति
—————————-
बिदेसिया,बेटीबेचवा और गोबरघिचोर के गीतों की गोप करेंगे प्रस्तुति
————————————

छपरा (सारण)
भिखारी ठाकुर जी की कालजयी नाटक बिदेसिया, बेटीबेचवा और गोबरघिचोर के गीत-संगीत मुम्बई में गूंजने जा रही है।मुम्बई स्थित विश्व प्रसिद्ध काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल में भोजपुरी की समृद्ध संस्कृति को सारण की धरती से जुड़ी भिखारी ठाकुर की रचनाओं के माध्यम से जिले के लोकगायक रामेश्वर गोप 4 फरवरी को प्रस्तुत करेंगे।गोप भिखारी की तीन प्रसिद्ध नाटकों बिदेशिया,बेटीबेचवा और गोबरघिचोर के गीत- संवाद को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर भिखारी के लोक साहित्य की विशेषता को बतायेंगे।डीएसएल गार्डन मुम्बई में आयोजित काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल में देश दुनिया के विभिन्न भाषाओं के साहित्य-संस्कृति और कला का प्रदर्शन होता है।गायक गोप को यह आमंत्रण इंडियन नॉवेल कॅलेक्टिव एवं इंडियन देशी फोक चैनल के माध्यम से मिला।कुछ माह पहले इस यूट्यूब चैनल के को-फाउंडर और रंगकर्मी अंजनी कुमार ने खुद अपने निर्देशन में गोप और उनकी टीम के गीतों की शूटिंग ग्रामीण परिवेश में कर प्रसारित की थी जिसमें भिखारी ठाकुर के बिदेसिया के संवाद गीत भी शामिल थे।मुंबई के इस प्रसिद्ध आर्ट फेस्टिवल के लिटरेचर सेक्शन में आयोजित कार्यक्रम में मौका मिलने पर गायक गोप ने खुशी प्रकट करते हुए भिखारी ठाकुर लोक साहित्य महोत्सव छपरा और इसके संचालक डॉ लालबाबू यादव के प्रति आभार जताया जिनकी प्रेरणा से उनकी पहचान देश विदेश में महेन्द्र मिसिर व भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर आधारित गायकी से बनी।पेशे से हाईस्कूल के शिक्षक गोप को जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकिशोर सिंह ने जिले की धरती से जुड़ी संस्कृति को प्रसारित करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से बधाई दी है।