
मासूम हाफिजा हयात को बचाने के लिए सामने आया एक ग्रामीण चिकित्सक कहा मानवता ही है धर्म
मढ़ौरा : कहते है हर इंशान में परमात्मा का निवास होता है और नेकी करने वाले लोग सभी जगह मौजूद होते है I तभी तो थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित दो वर्षीय मासूम बच्ची की जीवन रक्षा के लिए एक ग्रामीण चिकित्सक बच्ची को रक्त देने अस्पताल पहुंच गया I मामला मढ़ौरा के बचपन नमक एक निजी क्लिनिक का है जहा नगर क्षेत्र की असोइयां निवासी दो वर्षीय हाफिजा हयात नाम की एक बच्ची इलाजरत थी I मासूम बच्ची थैलेसीमिया नामक गंभीर बीमारी से ग्रसित थी जिसके शरीर में खून की अत्यंत कमी पर उसे तत्काल बी पॉजिटिव खून चढ़ाने की जरुरत थी I खून का इंतजाम नहीं हो पाने पर चिकित्सक बीके शर्मा ने यह जानकारी सोशल साईट पर सेंड की थी I जानकारी मिलने के बाद भावलपुर में ग्रामीण चिकित्सा का काम करने वाले धीरज सिंह ने चिकित्सक से संपर्क किया और तत्काल अपना रक्त देने निजी क्लीनिक पहुंच गये I बच्ची का इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ विजय शर्मा ने बताया कि बच्ची जन्म से ही अनुवांशिक रोग थैलेसीमिया से पीड़ित है I इस रोग के कारण बच्चा के शरीर में हीमोग्लाबिन नहीं बन रहा है I थैलेसीमिया की बीमारी प्रोटीन में ग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया में खराबी होने के कारण होता है I इसमें कारण लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से नष्ट होने लगती है I ऐसे में पीड़ित को जब तक की रोग में सुधार नहीं हो जाता तब तक प्रत्येक बार बार रक्त चढ़ाने की जरुरत पड़ती है I
👉 साभार – संजीव कुमार दैनिक भास्कर मढ़ौरा, सारण ।




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