भोरे(गोपालगंज):-
सीएए, एनआरसी, एनपीआर और 50 लाख दलित गरीबों को उजाड़ने की नोटिस के साथ साथ अन्य मुद्दों को लेकर मंगलवार को भोरे में माले का जन एकजुटता अभियान शुरू हुआ. इस दौरान प्रखंड के मथौली बाजार, सिसई बाजार, भोरे, महरादेउर, लामीचौर, हुस्सेपुर में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया. भोरे चारमुहानी पर आयोजित नुक्कड़ सभा का संबोधित करते हुए माले जिला कमेटी सदस्य सह इंक्लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य व जिलाध्यक्ष जितेन्द्र पासवान ने कहा कि जो लोग 1951 के बाद और 1971के पहले का जमीन का कागजाती साक्ष्य दिखायेगें. वे लोग ही राष्ट्रीय रजिस्टर में शामिल होंगे. वरना जो लोग यह प्रूफ नहीं दिखा पाएंगे वे लोग राष्ट्रीय रजिस्टर से बाहर हो जायेंगे. इसी कानून के तहत सिर्फ असम में रजिस्टर तैयार किया गया, तो 19 लाख लोग राष्ट्रीय रजिस्टर से बाहर हो गये. पूरे देश मे लागु होगा, तो कई करोड़ बाहर होंगे. आप अंदाजा लगा सकते है ऐसे अभी देश मे लगभग 30 करोड़ वैसे लोग है जो भूमिहीन है. जिनके पास कोई कागज नहीं है, वे लोग कहां से प्रूफ दिखा पायेंगे. इसलिए इसका सबसे ज्यादा शिकार कमजोर वर्ग के लोग ही होंगे. इस लिए तमाम लोगो को इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतरने की जरुरत है. वहीं सभा को संबोधित करते हुए भोरे प्रखण्ड सचिव सुबाष पटेल ने कहा कि जेएनयू हिंसा मामले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष की पहचान को शर्मनाक बताते हुए नकाबपोशों पर्दा डालने का षडयंत्र बताया. नुक्कड़ सभा को विद्या प्रसाद, योगेन्द्र शर्मा इत्यादि ने संबोधित किया. मौके पर भगत सिंह युवा बिग्रेड के प्रखण्ड अध्यक्ष अर्जुन सिंह, आलम खां, हंसराज कुशवाहा आदि लोग मौजूद रहे।