
मात्र 16 लाख रूपया के लिए हुआ था मेमोरी कार्ड व सेलफोन व्यवसायी अरविंद चौधरी का हत्याकांड
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के छपरा बहास के समीप हुई राजधानी पटना के मेमोरी कार्ड व सेलफोन व्यवसायी अरविंद चौधरी हत्याकांड में तीन दिनों की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस घटना पर्दाफाश करते हुए व्यवसायी से लूटी गई राशि में से 16 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। मामले में तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
गिरफ्तार किए जानेवालों में रामगढ़वा थानाक्षेत्र के इनरवा गांव निवासी बृज यादव, उसके पुत्र सुजीत यादव उर्फ छोटू व अनिल यादव शामिल हैं।
पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त की गई क्विड कार (रजि. नंबर-बीआर 06बीएम-0524), अपाचे बाइक (रजि. नंबर- बीआर 05एक्स- 4723), नाइन एमएम की दो पिस्टल, 315 बोर का एक कट्टा, सात जिंदा कारतूस व एक सेल फोन जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक क्षत्रनील सिंह ने गुरुवार को बताया कि 25 जून को पटना के व्यवसायी अरविंद कुमार चौधरी पटना से रक्सौल जा रहे थे। इसी बीच सुगौली थानाक्षेत्र के छपरा बहास मार्ग में उन्हीं की गाड़ी पर सवार बदमाशों ने उन्हें व उनके चालक को गोली मार दी। दोनों ने भागने की कोशिश की। चालक बीरू भाग निकला। जबकि व्यवसायी को बदमाशों ने पकड़कर गाड़ी में डाल दिया।
दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त क्विड कार, अपाचे बाइक, दो पिस्टल, एक कट्टा व कारतूस जब्त किया गया। लूटी गई राशि के बारे में दोनों ने जानकारी दी की रुपये अनिल यादव के पास हैं। बुधवार को अनिल की गिरफ्तारी के बाद लूटी गई राशि में से 16 लाख बरामद किए गए।
बदमाशों ने घटना की साजिश के बारे में बताया है कि सुजीत यादव पहले अरविंद चौधरी के यहां मेमोरी कार्ड लेकर जाता था। 2 अप्रैल 2018 को वह 28 लाख की मेमोरी कार्ड लेकर पटना के लिए चला। लेकिन, रास्ते में अरविंद ने उसे अपने आदमी से नशा दिलवाकर कार्ड लूटवा लिया था।
इस बीच नेपाल के व्यवसायी अनिल साह मेमोरी के पैसे के लिए दबाव बनाने लगा। फिर सुजीत को अपनी जमीन बेचनी पड़ी और बाजार से रुपये सूद पर लेकर चुकाने पड़े। इस दौरान नेपाली व्यवसायी से जानकारी मिली कि अरविंद पटना से काफी रुपये लेकर रक्सौल आनेवाला है। इसके बाद साजिश की गई और घटना को अंजाम दिया गया। घटना के पीछे की वजह व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता और लाखों रुपये लूट है।




Recent Comments