
मढ़ौरा (सारण)। बिहार पुलिस द्वारा जारी की गई मेरिट लिस्ट में मढ़ौरा प्रखंड के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। अभावों और आर्थिक तंगी के बीच पले-बढ़े इन युवाओं ने साबित कर दिया कि पक्के हौसले और कड़े संघर्ष के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। इस बड़ी सफलता के बाद चयनित अभ्यर्थियों के घरों में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सफलता की सबसे प्रेरणादायक कहानी पकहां स्टेशन रोड निवासी ज्योति कुमारी की है। एक दैनिक मजदूर पिता सुनील कुमार साह और गृहणी माता रामवती देवी की सबसे छोटी बेटी ज्योति ने मढ़ौरा मिडिल स्कूल से आठवीं और हाई स्कूल से इंटर तक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह जगदम कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं। चार बहनों और एक भाई के इस बड़े परिवार में आर्थिक संकट हमेशा बना रहा। पिता मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। ज्योति के अंतिम रूप से चयन की खबर मिलते ही माता-पिता के आंसू छलक पड़े और पूरे परिवार की चिंता अब खुशी में बदल गई है।
संघर्ष और स्व-अध्ययन से लिखी सफलता की कहानी:
क्षेत्र के अन्य सफल अभ्यर्थियों की दास्तान भी कमोबेश यही है। इन सभी ने बिना किसी बड़े कोचिंग के, सेल्फ स्टडी और सीमित संसाधनों के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सफल छात्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

रामदेव मांझी: सेमरहियां निवासी, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में हार नहीं मानी।

श्यामसुंदर राय : मुबारकपुर निवासी लालबहादुर राय के पुत्र, जिन्होंने स्थानीय एच.एन. राम लाइब्रेरी में निशुल्क अध्ययन कर अपनी राह आसान की।
राखी कुमारी: आटा गांव निवासी धर्मनाथ बैठा की पुत्री, जिन्होंने रूढ़ियों को तोड़कर खाकी पहनने का सपना पूरा किया।
अमर मांझी: दामोदरपुर निवासी भगवान मांझी के पुत्र, जिन्होंने अपनी लगन से परिवार का नाम रोशन किया।इसके अलावा भी क्षेत्र के कई अन्य युवाओं की सफलता ने मढ़ौरा को गौरवान्वित किया है।




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