मज़दूर का दर्द समझने वाला ही मज़दूर का सम्मान कर सकता है -भंवर किशोर
छपरा
एक सामाजिक व गैरराजनैतिक संस्था के रुप मे अपनी पहचान बना चुकी सोशल सर्विस एक्सप्रेस ने मजदूर दिवस के अवसर पर शहर के राजेन्द्र सरोवर के पास अपनी मेहनत और संघर्षों से सामाज को प्रेरणा देने वाले रिक्शा चालकों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत खुद रिक्शा चालको ने एक दुसरे को गमछा और लंच बॉक्स देकर किया। संस्था की कोशिश है कि मजदूर समाज के अभिन्न अंग है उन्हे समाज मे सम्मान के साथ स्वच्छ भोजन मिले। स्वच्छ भोजन से स्वस्थ शरीर का विकास होता है। उन्हे अपने स्वास्थ्य की देखभाल अवश्य करनी चाहिये ।

मजदूर सामाज के निर्माण मे अहम भूमिका निभाते है ।परिश्रम कर घर की जिम्मेवारियों का वहन कर समाज मे मेहनत से धन अर्जित करने की सीख देते है ,पर उन्हे समाज से कई बार दुत्कार और उपेक्षा मिलता है ।ख़ास तौर पर मजदूरों का एक वर्ग जो रिक्शा चला परिवार का पालन पोषण करता है उसे कई बार उपेक्षा होते हुए हम देखते है पर कूछ नही कर पाते ।आइये उन्हे समाज मे उपेक्षा ना मिले खुद प्रण ले और सभी से आह्वान करे ।उक्त बातें सोशल सर्विस एक्सप्रेस के भँवर किशोर सिंह ने कही ।

इस अवसर पर स्थानीय गौतम बंसल ने कहा की चालकों को दिन मे सही समय पर खाना नही मिल पाता , लंच बॉक्स मे वो खाना घर से रोज लेकर समय पर खाना खा सकते है ।इस अवसर पर सत्यम कला मंच के प्रदीप सौरभ ,एंजल द हेल्पिंग हैण्ड की अध्यक्षा अर्चना किशोर , चंदन ,राजा ,रवि ,जयप्रकाश सहित कई लोग उपस्थित थे ।