भिखारी ठाकुर जी के पुण्यतिथि प बिहारनामा के सफल कर के आखर रचऽ दिहलस इतिहास

🔺पटना : ऐह घनघोर बारिश के मौसम में पटना नियर व्यस्त जगह पर भोजपुरी के कवनो साहित्यिक आयोजन होखे आ सभागार में बैईठे खातिर जगह कम पड़ गईल , ईह दृश्य त पटना नियर शहर में बहुत ही कम देखे के मिलेला। लेकिन आखर के भाई लोग ईह इतिहास भी काल्ह रच ही दिहलसऽ ।काल्ह पटना के बिहार म्यूजियम में आखर आ लोकराग के सौजन्य से भोजपुरी के पुरोधा भिखारी ठाकुर के पुण्यतिथि प आयोजित बिहारनामा के आयोजन भइल रहें । एह अवसर प तैयब हुसैन पीड़ित जी आ हृषिकेश सुलभ जी के व्याख्यान जवन संजय सिंह संचालन कइनी बहुत ही अविस्मरणीय रहल। एह चर्चा में भिखारी ठाकुर जी से जुड़ल अनगिनत पहलूअन प विस्तार से जानकरी मिलल।

ऐही क्रम में नार्वे से आइल प्रवीण भाई जेतना सरल शब्दन में बिहार के संगीत में योगदान प आपन जानकारी हमनी के सोझा रखनी उ काबिलेतारीफ रहल। उहाँ के एह बतकही से इ बात के बल मिलल की भलही बिहार के संगीत के इतिहास में जोरदार जिक्र ना मिलेला एकरा बावजूद भी जवन तथ्य मौजूद बा उ एह बात के साबित करता बा कि बिहार से संगीत के गहरा नाता बा आ ढेर सारा संगीत के विधा बिहार से ही शुरू भइल रहे।

हमेशा के तरह छोटी बहिन चंदन तिवारी अपना गायकी से जवन समा बधनी उ यादगार आ अतुलनीय रहल। भिखारी ठाकुर, मोती बीए, स्नेहलता, सुंदर वैश्या से लेके रसूल मियाँ के गीतन के माध्यम से बिहार के विशाल रचनाधर्मिता के प्रदर्शन चंदन कइनी। संजय आ निराला भाई के द्वारा गीतन के भूमिका से अलग तरह के जानकरी प्राप्त भइल।

एह आयोजन के बहाने हर बार लेखा कई गो भोजपुरियां भाई लोग से भेंट भईल आउर ढेर सारा लोगन के आशीर्वाद आ स्नेह भी प्राप्त भइल।

ऐह बेहतरीन आयोजन के कल्पना करे में जे जे भी भाई के सोचदानी काम कईले रहें ओह सबका के हमार प्रणाम पहुंचें ।

ऐह सफल आयोजन के बाद पटना के मीडिया जेगऽ प्रोग्राम के कवरेज देले बा , ऊ भी अद्भुत बा। एगो पत्रकार भईला के नाते अपना बिरादरी के ऐह योगदान पर हमरा आज गर्व के अनुभव हो रहल बा।
बिहारनामा के सफलता खातिर हम समूचा आखर परिवार , लोगराग के संघतियां , बिहार म्यूजियम के अधिकारी आ पटना में रहे वाला लोक भाषा के प्रेमी लोग के हम ह्रदय से आभारी बानी।
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✍ रिपोर्ट : नवीन सिंह परमार
By- परमार मीडिया