बेतिया :– पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रघुनाथ झा के निधन से मेरा निजी नुक्सान । मज़हर आलम 

न्यूज इनपुट बेतिया पश्चमी चंपारण (शमीम क़मर रेयाज़ी ) की कलम से :– 
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बिहार की राजनीति में अपनी एक अलग प्रभाव के लिए जाने जाने वाले लोकप्रिय नेता श्री रघुनाथ झा का गत 14 जनवरी को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन होगया वो किडनी के रोग से पीड़ित थे । उनके निधन की खबर देश के साथ साथ बिहार में आग की तरह फ़ैल गई । उनके पार्थिव शारीर को दिल्ली से उनके पैतृक निवास शिवहर लाया गया ,जहाँ हज़ारों लोगों का जनसैलाब रघुनाथ झा के पर्थिव शरीर की एक झलक पाने को बेताब थे यह उनकी लोकप्रियता का उद्धारण था । पुरे देश को इस  बिहारी कद्दावर नेता को खोने काअफ़सोस है ,जिस ने 50 वर्षों से ज़्यादा सकिर्य राजनीति में अपना दम खम कायम रखा था 6 बार विधायक 2 बार सांसद उनकी राजनितिक जीवन के लोकप्रियता के लिए सुनहरे शब्दों में लिखा जाने वाला इतिहास है । 
पश्चमी चंपारण बेतिया से वो सांसद का चुनाव जीते थे बेतिया से उनको बड़ा प्रेम था , कांग्रेस,जनता दल ,राजद,जदयू आखरी समय में दोबारा लालू यादव के साथ आगये थे ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति में उथल उथल मचा हुवा है राजद के लिए बहुत ही बड़ा नुक्सान है । बेतिया ज़िला के नरकटियागंज विधान सभा के पूर्व राजद प्रत्याशी श्री मज़हर आलम ने कहा की श्री रघुनाथ झा का निधन से देश को एक बड़ा नुक्सान हुवा है जिसकी भरपाई असंभव है । उन्हों ने कहा की श्री झा हम लोगों के राजनितिक गुरु और गार्जियन सामान थे वह हमेशा अपनी सलाह से हमे नवाजते रहते थे । जब हम राजनीति में नही आये थे उस से पहले से श्री झा से मेरा लगाव था । वह हमारे लिए प्रेरणा दायक थे ,हम ने उन से बहुत कुछ सीखा है । उनके निधन से मेरा निजी नुक्सान हुवा है ।
अंत में शोक जताते हुए राजद प्रत्याशी ने कहा की हर प्राणी को मृत्यु का मज़ा चखना है जो भी इस संसार में आया है उसे एक न एक दिन अपनी जीवन को शरीर को त्यागना है और परलोक सिधारना है जो सत्य है । उनकी आत्मा की शांति के लिए हम दुआ करते हैं ।