दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बेतिया : नौतन प्रखंड क्षेत्र के सभी कोचिंग पर अभी तक प्रशासन की कोई करवाई नहीं किया गया जबकि सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अवैध तरीकों से चला रहे कोचिंग संचालकों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके परिणाम यह है कि गरीब बच्चों का शोषण कर उनके सुनहरे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर देखा जाए तो सूरत के एक कोचिंग संचालक के लापरवाही की वजह से 23 बच्चों की जान गई। वही कोचिंग का बड़ा कारोबार जिला सहित प्रखंड के सभी जगह पर कोचिंग चलाने का बाढ़ आ गया है। और एक भी कोचिंग संस्था मानक के रूप में खरा नहीं उतर रहा है। वही कोचिंग चलाने का सरकार ने कोचिंग संचालक को कोचिंग चलाने का नियम बना रखें लेकिन एक भी कोचिंग संस्थापक नियम का अनुपालन नहीं करते हैं। ना ढंग के शिक्षक न व्यवस्था और यहां तक कि ढूंढ के कमरे का भी व्यवस्था नहीं किया जाता है एक समय था अगर पूरे भारत में आईएएस और आईपीएस बिहार के बच्चे करते थे लेकिन शिक्षा को बिजनेस बना कर कोचिंग चला रहे शिक्षक की लापरवाही की वजह से बच्चों का सुनहरा भविष्य कीचड़ में जा रहा है। लेकिन कोचिंग संचालक बच्चों को गारंटी देने में चूकते नहीं है। लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक की कोई चिंता नहीं है। नगर से लेकर कस्बों तक का हाल एक समान है सुरक्षा से लेकर शिक्षा तक जितनी दावा करते हैं लेकिन हकीकत में कुछ नहीं है। अगर प्रशासन अवैध कोचिंग संचालकों के ऊपर करवाई नहीं करे तो एक दिन ऐसा समय आएगा बच्चों के पास डिग्री रहेगी लेकिन हुनर और शिक्षा नहीं। वही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के सरकारी नंबर पर कॉल करने पर रिसीव नहीं कर पाए जिसकी वजह से उनका बयान नहीं लगा पाया गया।