चनपटिया से विवेक कुमार की रिपोर्ट –
चनपटिया! नगर के बड़ा बस स्टैण्ड चौक पर गुलाबचंद्र गुप्त के जयंती के अवसर पर साहित्य संगम व बुद्धिजीवियों ने माल्यार्पण व श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लड़ाई में महान स्वतंत्रता सेनानी गुलाबचंद्र गुप्त उर्फ गुलाली बाबू का भी नाम आता है। गुलाबचंद्र गुप्त का जन्म पश्चिम चंपारण के चनपटिया में 17 अप्रैल 1904 को एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उन्हें मौलनिया डकैती कांड में कठोर सजा हुई और भारत छोड़ो आंदोलन में कालापानी की सजा हुई थी। जेल से निकलने के बाद साधारण जीवन जीते हुए 18 दिसम्बर 1982 को स्वर्गलोक में चले गए। वरीय साहित्यकार युगलकिशोर चौधरी ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह नेता सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव व राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारी में से एक थें। मौके पर माल्यार्पण कार्यक्रम में डॉ वतन केशरी,अनिल गुप्ता,विनोद आर्य,योगेंद्र प्रसाद,नृपेंद्र कुमार,सक्षम कुमार,अमित कुमार,सुरज कुमार,विवेक कुमार,राहुल सर्राफ,सत्यप्रकाश आर्य,हरिओम कुमार,अर्जुन कुमार आदि मौजूद रहे।





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