दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
अत्याचार निवारण संशोधन अधिनियम से अवगत हुए सभी विकास मित कानून एक प्रकार का सुरक्षा कवच है। हम सबों को कानून से अवगत रहना अनिवार्य है। कानून की जानकारी के बगैर अनसूचित जाति जनजाति समुदाय के लोग अत्याचार व प्रताड़ना का शिकार हो जाते है। इसलिए ऐसे समाज को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून से अवगत कराना होगा। उक्त बातें एडीएम नंदकिशोर साह ने कही। वे डीआरसीसी भवन में शनिवार को आयोजित जिलास्तरीय उन्मुखीकरण व प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे। एक दिवसीय आयोजित इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण संसोधन अधिनियम 2015 व संशोधन नियमावली 2016 के कार्यावन्यन व प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें संबंधित पदाधिकारी के साथ साथ जिले के सभी विकास मित्र शामिल रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते सदर एसडीएम विद्यानाथ पासवान ने कहा कि कानून हम सबों को अत्याचार के खिलाफ लड़ने का अधिकार दिया है। जिससे हम अत्याचार का शिकार नही हो सकते है। वही विशेष लोक अभियोजक अरविन्द कुमार सिंह ने भी अत्याचार अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून की जानकारी पर विशेष रुप से प्रकाश डाला गया। ताकि इस समुदाय के हर आदमी इस जानकारी से अवगत हो सके। प्रशिक्षित अधिकारी व विकासमित्र गांव गांव में इसके प्रति जागरुकता फैलायेगे। साथ ही इसे प्रभावी बनायेगे। ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति अत्याचार से पीडि़त नही हो सके। मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी आशुतोष शरण, रामनगर के विकास मित्र नागमणि कुमार, रमेश कुमार, शंकर कुमार आदि उपस्थित रहे।