बेगूसराय :किसानों एवं बेरोजगारों के लिए वरदान साबित होगा मशरूम की खेती 

खोदावंदपुर 
खोदावंदपुर किसानों एवं बेरोजगारों के लिए मशरूम की खेती वरदान साबित होगा. इसके खेती करने के लिए बहुत ही कम जमीन की जरूरत है. पढ़ा लिखा होना भी जरूरी नहीं है. अगर समझदार है तो कोई भी व्यक्ति इसकी खेती आसानी से कर सकता है. 
उपर्युक्त बातें कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर परिसर में गुरुवार को केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक डा० सिद्धनाथ सिंह ने पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण के दौरान कहीं.उन्होंने कहा कि मशरूम में पौष्टिक एवं औषधीय गुण बहुत ही अधिक है. इसमें सुपाच्य, प्रोटीन, एमिनो अम्ल, विटामिन एवं खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. यह हार्ड एवं ब्लड प्रेशर रोगियों के लिए बहुत ही उपयोगी है. इसमें वसा की मात्रा बहुत ही कम होती है. यह मस्तिक रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें सोडियम, पोटेशियम के अनुपात का सामान बनाए रखता है. डॉक्टर सिंह ने ओएस्टर, बटन, चाइनीज, खेत या दूधिया एवं गैनोडर्मा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी उपस्थित किसानों को दी.प्रशिक्षक डॉ एस एन सिंह व डॉ राजीव कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को प्रशिक्षण दिया.इस अवसर पर चेरिया बरियारपुर, खोदावंदपुर एवं छौड़ाही प्रखंडों के 40 किसानों ने भाग लिया.मौके पर साधनसेवी मुनीलाल महतो,रमेश कुमार राणा, चंदन कुमार यादव,रोहित कुमार, प्रवीण कुमार, कुमार सांतनू,रमेश सिंह, पवन कुमार सहित अन्य ने किसानों ने भाग लिया.