“बिस्मिल्लाह खां युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार” चंदन के द्वारा कईल गईल अनथक मेहनत के प्रसाद हऽ
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🌐भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ओर से हर साल संगीत के युवा साधक लोग के प्रोत्साहित करे खातिर महान संगीतकार आ विश्व विख्यात शहनाई वादक भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर एगो पुरस्कार “बिस्मिल्लाह खां युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार” दिहल जाला।

साल २०१८ के “बिस्मिल्लाह खां युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार” चंदन तिवारी के मिले जा रहल बा।
आज जब हमनी के छुटकी बहिन चंदन के इ सम्मान मिले जा रहल बा , तब इ जानल जरूरी हो गईल बा की चंदन के ही इ सम्मान काहे मिले जा रहल बा ? चंदन के हई आ भोजपुरी गीत – संगीत में चंदन के का योगदान बा ?
रउरा सब लोग के हम बता दी की बहिन चंदन खाति इ सबकुछ अतना आसान ना रहे, बिना कवनो साधन, संसाधन के उ आपन रास्ता खुद बनावले बाड़ी ।

ऐह चकाचौंध के दूनिया में अगर चंदन के लगे अगर कुछ आपन बा त उनकर खनकत आवाज, जवन बाजार के चुनौती देत आपन मौजूदगी दर्ज करा रहल बा ।
आज जब भोजपुरी गीतन में फूहड़पन, अश्लीलता चरम प पहुंच चुकल बा , ओह घड़ी जब भोजपुरी में सुघड गीत गावे वाली एगो बेटी भोजपुरी में महेंदर मिसिर, भिखारी ठाकुर, विंध्यवासिनी देवी, सुंदर वेश्या, रशूल मियां, मोती बीए सरीख नायकन के रचना, के उनकर गावल गीतन के अपना आवाज दे के सुमधुर गीत के माध्यम से खाली जिंदा ही नईखी रखले , बल्कि उ भोजपुरी गीत – संगीत में रक्त बीज के तरह फइलऽ गायक, संगीतकार आ गीतकार लोग के सामने आपन चुनौती पेश कर के अपना आवाज से प्रतिकार कर के भोजपुरियां लोगन का सोझा खांटी भोजपुरी गीत संगीत के सोझा ले अइल बाड़ी ।

रउरा जान के खुशी होई की आज चंदन तिवारी खांटी भोजपुरी गीत के खोजत गांवन-गांवन में घूम के, भोजपुरी गीत-संगीत के जानकार लोगन भीरी जाके रिसर्च कर के भोजपुरी गीत – संगीत के एगो नया मुकाम दे रहल बाड़ी ।चंदन तिवारी खलिहा भोजपुरिये ना बलुक, नागपुरी, खोरठा, मैथिली, मगही , अवधी अउरी कय गो लोकभाषा के संगीत प काम क रहल बाड़ी।

हम दावा के साथ कह सकत बानी की सचमुच चन्दन जवन परेशानी से जूझत, संघर्ष करत आइल बाड़ी उ आउर उनका के महकदार आ शीतलता प्रदान करे आला बना दिहले बा, आजु चन्दन तिवारी के गायिकी, संगीत अलग मुकाम प बा।

आज जब चंदन के “बिस्मिल्लाह खां युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार” मिले जा रहल बा , तब हमनी भोजपुरियां लोग खाति ई समय छाती चाकर करे के बा, आ सउँसे भोजपुरिया लोगन खाति गौरव के समय ह।
अंत में बस इतने कहेम की चन्दन तिवारी जवन संगीते के अन-धन मानेली, संगीते उनकर जीवन हो गइल बा सचमुच उनका प बिसमिल्लाह खाँ युवा संगीत पुरस्कार सोभता।
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✍आलेख : नवीन सिंह परमार
By- परमार मीडिया
[ इनपुट : आदित्य अनोखा ]