पानापुर (सारण) पानापुर प्रखंड मुख्यालय में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद अब मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क ठप होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा हुआ तो बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में पुलिस-प्रशासन से लेकर आम लोगों तक के सामने संचार की बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। बताया जाता है कि प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के तुर्की गांव में एयरटेल कंपनी का एकमात्र मोबाइल टावर संचालित है। इसी टावर के माध्यम से प्रखंड मुख्यालय, थाना सहित आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध होती है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार-पांच महीने पहले कंपनी की ओर से इस टावर से जनरेटर हटा लिया गया था। इसके बाद बिजली आपूर्ति बाधित होते ही टावर का संचालन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में आई आंधी-पानी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण यह टावर लगातार करीब दो दिनों तक बंद रहा था। इस दौरान मोबाइल नेटवर्क नहीं रहने से लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने में काफी परेशानी हुई थी। अब जबकि प्रखंड का अधिकांश इलाका बाढ़ की चपेट में है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है ऐसे में नेटवर्क को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। गुरुवार को चकिया पंचायत के सरौजा भगवानपुर के समीप सारण तटबंध टूटने के बाद प्रखंड के अधिकांश निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में मोबाइल नेटवर्क लोगों के लिए संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। यदि बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है और टावर में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहती है तो प्रखंड मुख्यालय से लोगों का संपर्क पूरी तरह भंग हो सकता है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने राहत एवं बचाव दल से संपर्क करने तथा आवश्यक सूचनाएं प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। मोबाइल नेटवर्क बाधित होने का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि प्रखंड मुख्यालय में संचालित प्रशासनिक एवं पुलिस गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। बाढ़ की वर्तमान स्थिति में अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, राहत एवं बचाव दल तथा ग्रामीणों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना जरूरी है। नेटवर्क बाधित होने से सूचनाओं के आदान-प्रदान में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि आपदा के समय मोबाइल नेटवर्क बंद होना किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। ऐसे समय में कई लोगों को स्वास्थ्य, राहत, बचाव और अन्य जरूरी कार्यों के लिए तत्काल फोन के माध्यम से मदद की आवश्यकता पड़ सकती है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने संबंधित मोबाइल कंपनी और प्रशासन से तुर्की स्थित मोबाइल टावर में तत्काल जनरेटर अथवा अन्य वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक टावर को निर्बाध रूप से संचालित रखना बेहद जरूरी है ताकि प्रखंड मुख्यालय थाना और बाढ़ प्रभावित गांवों के बीच संचार व्यवस्था बनी रहे।