मांझी(सारण)। प्रखंड के मरहां पंचायत के सबदरा गांव में कथित रूप से जेसीबी की सहायता से कराये जा रहे मनरेगा कार्य की वीडियोग्राफी कर वीडियो वायरल करने पर मुखिया समेत एक दर्जन समर्थकों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में नटवर गोपी निवासी सुरेश यादव के पुत्र रंजीत यादव ने मांझी थाने में लिखित आवेदन दिया है। जिसमे रंजीत ने कहा है कि 8 जून को में श्रवण यादव व सुमन यादव के साथ सबदरा गांव के चंवर में पहुंचा। वहां जेसीबी से चल रहे कार्य को देख कर मुखिया से पूछा कि बहुत से मनरेगा मजदूर हैं फिर भी मशीन से क्यों काम करा रहे हैं। इसपर वे बोले कि सभी को पता है। फिर मै जब वीडियो बनाने लगा तो वे भड़क गए। बोले कि वायरल मत करना नही तो फंसा देंगे। फिर भी मैने रात में डीएम के वाट्सअप पर बीडीओ डाल दिया। मंगलवार की सुबह 5 बजे दोस्तों के साथ जब रोज की तरह बहाली को लेकर दौड़ने निकला तो मुखिया समेत एक दर्जन लोगों ने मेरे साथ मारपीट की। गम्भीर रूप से चोट लगने के बाद मैं वही गिर गया फिर भी मुझे पीटते रहे। बाद में सूचना मिलने पर ग्रामीणो द्वारा उठाकर मांझी पीएचसी में भर्ती कराया गया।

उधर सबदरा गांव निवासी सीताराम साह गोंड के पुत्र योगेंद्र साह गोंड ने मांझी थाने में एक आवेदन दिया है। जिसमे कहा गया है कि मेरे साथ कई मजदूर सबदरा नहर के पास 8 जून को मनरेगा के तहत मिट्टी का कार्य कर रहे थे। तभी प्रधान राय, रंजीत यादव, सुमन यादव, श्रवण यादव व अमरजीत यादव मोटर साईकिल से पहुंचे और बोले कि किसका काम चल रहा है। 50 हजार रुपये रंगदारी देनी होगी। मैन कहा कि रुपये तो खाता में जाता है उसके बाद जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगे। कहा कि अगले दिन कम से कम आधा रुपया भी मिल जाना चाहिए। हमने मुखिया से सब बात बताई। 9 जून को जब हम लोग काम पर पहुंचे तो उपरोक्त पांचों लोग हमारे कुदाल, टोकरी आदि छिनने लगे और मुखिया को भी गाली देते हुए हमे जान से मारने की कोशिश की। एक मजदूर किताबुद्दीन के पास से 5 हजार रुपये छिन लिए। धमकी दी कि केस करने पर अंजाम बुरा होगा।