जेपीयू में परीक्षा होने की आस लगाए परीक्षार्थियों के लिए अच्छी खबर, आ गई चिट्ठी
कई दोषी प्राचार्यो पर गिरेगी गाज
विनीत कुमार, छपरा
सारण के जय प्रकाश विश्वविद्यालय में अध्धयनरत बच्चों के लिए गुड़ न्यूज़ है। विगत कई दिनों से परीक्षा होने की आस लगाए बच्चों के लिए बेहद राहत भरी खबर है। अपर सचिव मनोज कुमार ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर कई निर्देश दिए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ऐसे ही आधिकारिक आदेश का इंतजार था। अब माना जा रहा है कि शीघ्र ही जय प्रकाश विश्वविद्यालय में विभिन्न सत्रों की लंबित परीक्षाएं शीघ्र हो सकेंगी।
क्या कहा है अपर सचिव मनोज कुमार ने :-
अपर सचिव मनोज कुमार ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को लिखित पत्र में कहा है कि स्नातक पाठ्यक्रम सत्र 2013-16 के तृतीय वर्ष, सत्र 2014-17 के द्वितीय वर्ष, 2015-18 एवम सत्र 2016-19 के प्रथम वर्ष में स्वीकृत सीट से अधिक नामांकित छात्रों को पंजीकृत कर परीक्षा में शामिल कराया जाय।

अपर सचिव द्वारा जेपीयू के कुलपति को भेजी गई चिट्ठी
आगे श्री कुमार ने कहा है कि वैसे महाविद्यालय जहाँ निर्धारित सीट से अधिक छात्रों का नामांकन हुआ है वहाँ ऐसे सभी छात्रों की परीक्षाएं कराई जाए साथ ही दोषी प्राचार्यों को चिन्हित कर उनपर कार्यवाई की जाय।
साथ ही उन्होंने ये शर्त भी लगाया है कि राज्य सरकार से संबद्धता प्रापत महाविद्यालय में नामांकित छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित किया जाय एवं इनका परीक्षा फल इसी शर्त पर प्रकाशित किया जाय कि इन महाविद्यालयों में निर्धारित सीट से अतिरिक्त उतीर्ण छात्रों के आलोक में छात्र उतीर्णता के आधार पर दिया जानेवाला अनुदान नही दिया जाय साथ ही भविष्य में निर्धारित सीट से अधिक नामांकन लेने पर ऐसे महाविद्यालय की संबद्धता रद्द करते हुवे कानूनी कार्यवाई की जाय।
अपर सचिव श्री कुमार ने यह भी कहा है कि जिन महाविद्यालयों को राज्यसरकार से संबद्धता प्राप्त नही है, उनके द्वारा छात्रों का नामांकन लिया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट रूप से छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला है । इसलिए ऐसे महाविद्यालयो के दोषी प्राचार्यो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाय।

साथ ही अपर सचिव मनोज कुमार ने उपरोक्त वर्णित सभी मामलों पर उचित कार्यवई कर विभाग को अवगत कराने का भी निर्देश जेपीयू के कुलपति को दिया है।
आपको बता दे कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय की ओर से विगत 23 दिसम्बर को पत्रांक 1545R व 13 जनवरी 18 को पत्रांक 55 भेजकर जय प्रकाश विश्वविद्यालय के वस्तुस्थिति के बारे में जानकारी देकर उचित मार्गदर्शन माँगा गया था जिसके बाद अपर सचिव ने यह निर्देश दिया है।
अब यह तय है कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय में अटके 2 लाख से अधिक छात्रों के चेहरे पर मुस्कान आयी है। ये छात्र भी अब जल्दी ही परीक्ष होने की आशा में है। अब सबकी नजरें जय प्रकाश विश्वविद्यालय पर टिकी हैं कि वो कितनी जल्दी परीक्षा कार्यक्रम घोषित करता है।
वैसे छात्र संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुवे इसे छात्रों की जीत बताया है।




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