छपरा शहर में कुमार आरएनपी क्लासेज का हुआ उद्घाटन,संस्थान आधुनिक संसाधनों व तकनीक से कक्षा आठवीं से बारहवीं तक संचालित करेगा कक्षायें
#विधायक, पार्षद व कुलपति ने किया उद्घाटन


छपरा (सारण ):शहर के डाकबंगला रोड में कुमार आरएनपी क्लासेज का उद्घाटन करते हुए जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह ने कहा कि आधुनिक दौर में शिक्षकों को संस्कार व मूल्यों पर आधारित शिक्षा बच्चों को देनी चाहिए। इससे वे अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति व अपने समाज से जुड़ पाते हैं। कुलपति ने कहा कि आज बच्चों को ज्ञानात्मक शिक्षा के साथ-साथ सर्जनात्मक शिक्षा दी जानी चाहिए। महापुरुषों के जीवन मूल्यों पर आधारित ज्ञान का समावेश उनमें कराना चाहिए। तभी वे देश के सजग व संस्कारवान नागरिक बन सकेंगे। कुलपति ने निर्धन मेधावी बच्चों को भी उत्कृष्ट शिक्षा देने की अपील की व कहा कि शिक्षण संस्थान अपने परिसर में उन महापुरुषों व सफल व्यक्तित्वों की तस्वीर लगायें जो उनके यहां पढ़ने वाले बच्चोें को बेहतर करने को प्रेरित कर सकें। उन्होंने मनसा, वाचा व कर्मणा शिक्षा व लक्ष्य के प्रत समर्पित होने की अपील युवाओं से की।
विधायक डॉ सी एन गुप्ता ने मेडिकल के दिनों के अपने अनुभव बांटते हुए कहा कि शिक्षा में निरंतरता आवश्यक है। सामान्य छात्र भी निरंतर अभ्यास से सर्वश्रेष्ठ बन सकता है। शिक्षा एक सतत साधना है। इसे बनाये रखने कही जरूरत है। युवा परिश्रम सही दिशा में करें तो सफलता उनके कदम चूमेगी।
पार्षद ई सच्चिदानदं राय ने ग्रामीण परिवेश से निकलकर आईआईटी खडगपुर में बिताये अपने दिनों को याद किया व कहा कि सामान्य तबके के छात्र भी चुनौतियों का मुकाबला की शीर्ष परीक्षाओं में स्थान बना सकते हैं। बस मन में लगन व निष्ठा होनी चाहिए। लक्ष्य के प्रति समर्पण भी व्यक्ति को सफल बना देता है।
पूर्व प्राचार्य प्रो एम के शरण ने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति युवाओं के लिए चुनौती है। विज्ञान की पढ़ाई में प्रयोगशाला का होना मायने रखता है। कई ऐसे प्रयोग हैं जिन्हें छात्र अपने घरों में दुहरा सकते हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो के के द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा नीति में आजकल व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। उनसे निपटना चुनौती है। आज शिक्षक व छात्र दोनों ही स्तरों पर अवमूल्यन देखा जा रहा है। इस अवस्था को खत्म करने की जरूरत है। गुरू का गांभीर्य शिक्षकों में झलके, वे छात्रों को मर्यादा पर आधारित शिक्षा दें तो गौरव वापस लौट सकता है।
संस्था के निदेशक पंकज कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम बच्चों को अपने ही शहर में वर्ग आठवीं से 12वीं तक बेहतरीन शिक्षा देंगे। साथ ही मेडिकल व आईआईटी की पढाई कराई जायेगी। यहां सुयोग्य शिक्षक हैं।
निदेशक सौरभ कुमार पांडेय ने कहा कि यह संस्था शहर में नये आयाम कायम करेगी। हम विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई करायेंगे। निर्धन बच्चों को विशेष सुविधा देंगे। आधुनिक संसाधनों के माध्यम से हम शिक्षा देंगे। मौके पर शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।




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