मांझी(सारण)। कृषि विज्ञान केंद्र मांझी में ग्रामीण युवाओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक व कृषि वैज्ञानिक डॉ तनुजा जुकारिया ने गुणकारी हल्दी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय हल्दी की उपज लेने का है। सुखी से ज्यादा कच्ची हल्दी स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक गुणकारी है। इसके लगातार सेवन से कई तरह की बीमारियां दूर रहती हैं। सर्दियों के मौसम में तो कच्ची हल्दी रामबाण की तरह है। इस मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम, खराश जैसी समस्याओं के लिए ये अकेले ही काफी है। कच्ची हल्दी में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। यह खासतौर पर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने के साथ-साथ उन्हें खत्म भी कर देती है। यह हानिकारक रेडिएशन के संपर्क में आने से होने वाले ट्यूमर से भी बचाव करती है। हल्दी में सूजन को रोकने का खास गुण होता है। इसका उपयोग गठिया रोगियों को अत्यधिक लाभ पहुंचाता है। हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड नाम का तत्व होता है जो शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है और बुखार होने से भी रोकती है। डॉ तनुजा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान हल्दी के विभिन्न उत्पाद जैसे जूस, लड्डू, विभिन्न प्रकार से अचार, बर्फी, हल्दी की सब्जी आदि बनाने की विधि सिखायी जाएगी। वहीं मुनाफा कमाने के लिए व्यवसायिक स्तर पर क्या करें यह बताया जाएगा।