
बच्चे से लेकर युवाओं पुरानी इतिहासिक,धार्मिक ,सांस्कृतिक दृस्यो को बाइस्कोप में देखकर हो रहे खुश
सोनपुर। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में बाइस्कोप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। खास तौर से बच्चे से लेकर युवा वर्ग बाइस्कोप के दीवाने हो रहे हैं । लगभग डेढ़ दशक बाद मेले में अचानक बाइस्कोप दिख जाने से लोगों को अपने बचपन की याद ताजा होती हुई दिख रही है। कई युवा बता रहे हैं कि 20 साल पहले उनके गांव में बूढ़े बाबा आते थे जो बाइस्कोप दिखाया करते थे। कई वर्षों के बाद सोनपुर मेला में बाइस्कोप देख रहे हैं । कुछ युवाओं का कहना है कि इसमें पूरे बिहार के इतिहासिक धरोहरों व पुराने गीतों के गा कर इसमें दिखया गया है । सोनपुर मेले के आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के प्रदर्शनी के विशाल प्रांगण एवं कला संस्कृति युवा विभाग के प्रदर्शनी स्थलों के पास इस बाइस्कोप को देखकर लोग पुराने दुनिया की सैर करने लगे हैं इस बाइस्कोप के भीतर सोनपुर मेला ,बाबा हरिहर नाथ मंदिर, वैशाली अशोक सतम्भ,शांति स्तूप, पटना महावीर मंदिर, राजगीर ,पटना गोलघर, संग्राहलय ,बोधगया के अलावा दिल्ली के कुतुब मीनार ,आगरा का ताजमहल ,कोलकाता म्यूजियम, हाबड़ा पुल, लखनऊ के भूल भुलैया ,मुंबई शहर का दृश्य चलते फिरते चलचित्र में दिखाया गया है । इस बाइस्कोप में दहेज प्रथा, बाल विवाह सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों को भी दर्शाया गया है और इसके खिलाफ समाज को जागरूकता होने का भी संदेश दिया जा रहा है । सोनपुर मेले में आये युवाओं का कहना है कि सभी लोग मोबाइल पर सब कुछ देखते हैं पर यह एक यूनिक चीज है ।
दूसरी ओर बाइस्कोप का संचालन रुपाली जी के द्वारा इस बाइसकोप मेले में आये अमृत राज व राकेश रौशन ने बताया कि बाइस्कोप विलुप्त होने के कगार पर है । हम लोगों ने कर्नाटक से इसको बनवाया है और हमें खुशी है कि मेला में इसको युवा पसंद कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहर को बचाना है जिस में सफलता मिल रही है। इसलिए हम लोग बेहद खुश है । अमृत राज यह भी बताते हैं कि बाइस्कोप का मशीन यूरोप और इंग्लैंड में इसका अविष्कार हुआ था और भारत में सर्वप्रथम कोलकाता में मशीन आई थी । इसमें पूरे बिहार के बारे में दृश्य दिखाए जा रहे हैं । इस बाइस्कोप के द्वारा घर बैठे सारा संसार देखने व इंदु सौनाली के गीत को गूंज भरते हुए लोगों को सुना कर बाइस्कोप के माध्यम से पूरे देश दुनिया की सैर कराने के लिए इस बाइस्कोप के द्वारा विश्व को दिखाया जाता है । बाइसकोप सरकारी और गैर सरकारी के अलावा भी व कई सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी बाइस्कोप के द्वारा बच्चों को जागरूकता फैलाने के उद्देश्य चलाया जाता है यहां तक कि सरकारी स्कूलों ,किलकारी, पुलिस विभाग के साथ अन्य विभागों में बाइस्कोप द्वारा लोगों को जागृत किया जाता है । जिस विभाग में कार्यक्रम होती है उस विभाग के कार्यक्रम के तहत बाइस्कोप के द्वारा जानकारी दी जाती है । बिहार के ऐतिहासिक धरोहर को दिखाया जाता है । मेले में यह प्रयास है कि इस पुरानी परंपरा धरोहर को बरकरार रखना है इसको संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है । इस विलुप्त होते धरोहर के माध्यम से बिहार के ऐतिहासिक धरोहर को दिखाया जाता है ताकि आज के युवा पीढ़ी बिहार के हर दृस्यो व इतिहास को जान सके ।




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