एकमा , संवाददाता । छपरा और सिवान के बीच स्थित एकमा रेलवे स्टेशन भले ही पूर्वोत्तर रेलवे का एक प्रमुख स्टेशन है , लेकिन यहां की कुव्यवस्था काफी दयनीय है । स्टेशन पर आने जाने वाले यात्रियों के लिए शौचालय तक नहीं है ।लम्बीदूरी की अनेक एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों का एकमा स्टेशन पर ठहराव भी है । सपरिवार लोग बाहर से आते एवं बाहर दूसरे प्रदेशों में जाते हैं ।रोज ही यात्रियों का आना जाना लगा रहता है । लेकिन इन यात्रियों के लिए शौचालय तक नहीं है ।स्टेशन के चारों तरफ बाजार, दुकानों एवं लोगों की आवाजाही लगी ही रहती है । ऐसे में यात्रियों खासकर महिला यात्रियों को लघुशंका अथवा शौच जैसी जरूरी काम को निपटाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।
मजेदार तथ्य तो यह है कि रेलवे को अच्छा खासा राजस्व एकमा स्टेशन से प्राप्त होता है , लेकिन काउंटर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने से लोगों को टिकट के लिए लम्बी कतार लगानी पड़ती है । कभी कभी तो एक ही काउंटर पर लम्बी कतार में फंसे यात्रियों की ट्रेनें छूट भी जाती हैं । स्टेशन के आस पास गंदगी ही गंदगी रहती है ।बिभिन्न कुव्यवस्थाओं के मकड़ जाल से घिरा हुआ है यह स्टेशन ।
पिछृले माह ही पूर्वोत्तर रेलवे के जी एम यहां निरीक्षण करने भी आए थे । एकमा के स्थानीय विधायक श्रीकांत यादव ने पाटलली पुत्रा एक्सप्रेस एवं असम एक्सप्रेस के पहले की तरह ठहराव की तथा पैसेंजर गाड़ियों को फिर से परिचालन की मांग पत्थर उंन्हें सौंपा था । ये मांगे तो पूरी हुई नहीं, उल्टे लिच्छवी एक्सप्रेस एवं छपरा गोरखपुर पैसेंजर का परिचालन ही निरस्त हो गया है । इससे यात्री काफी परेशान हैं ।