जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न पारिस्थितिकीय चुनौतियों से निपटने में सफल रहेगा जल-जीवन-हरियाली अभियान-आयुक्त

छपरा : सारण प्रमंडलीय आयुक्त राबर्ट एल. चोंग्थू ने प्रथम जल-जीवन-हरियाली दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मीगण को संबोधित करते हुए कहा कि जल-जीव-हरियाली सरकार की महत्वाकाँक्षी योजना है जो जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न पारिस्थितिकीय चुनौतियों से निपटने में सक्षम साबित होगी।
आयुक्त ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि जल और हरियाली के बीच में जीवन को रखा गया है जिसका तात्पर्य है बिना जल और हिरयाली के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण के प्रति सचेत होना पडेगा। जल को बर्वाद होने से बचाना होगा। प्रायः ऐसा देखा जाता है कि छत पर रखे टंकी से पानी ओवरफ्लो कर रहा हे फिर भी मोटर चल रहा है। आयुक्त ने कहा कि जल का एक-एक बूँद कीमती है उसे बचाने के लिए सभी आगे आने होगा। ठीक उसी प्रकार पर्यावरण को बचाने और सवंर्द्धित करने के लिए हरित आवरण जरूरी है। सरकार के द्वारा सघन वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और उस दिषा में प्रयास भी चल रहा है।
आयुक्त ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान को सफल बनने के लिए व्यापक जन-जागरूकता की जरूरत है। उसी को ध्यान में रखकर प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को सभी सरकारी कार्यालयों से लेकर विद्यालयों तक में जल जीवन-हरियाली-दिवस के रूप में मनाया जाएगा ताकि इसका संदेष प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचे और प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण के प्रति संवेदषील बनाया जा सके। आयुक्त ने कहा कि स्कूली छात्रों को प्रेरित करने के लिए विद्यालयों में मुहिम चलाया जा रहा है। बच्चों को सौर उर्जा के उपयोग और उर्जा बचत के बारे भी में बताने की जरूरत है। छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देकर उर्जा बचत की जा सकती है। उर्जा बचत से बिजली खपत कम होगी और बिजली बिल भी कम आएगा। आयुक्त ने कहा कि कमरे से वाहर निकलने पर बिजली के उपकरणों को बंद करना चाहिए। पारंपरिक बल्ब की जगह एलर्डडी बल्ब का उपयोग कर खपत कम किया जा सकता है।