सात साल की सजा होते ही फूट फूट कर रोने लगें दुष्कर्मी के परिजन
राकेश फौजदार
भरतपुर 3 मई। राजस्थान के भरतपुर में बयाना के न्यायालय एडीजे संख्या एक के न्यायाधीश ने दुष्कर्म के तीन साल पुराने एक मामले में आरोपी पर आरोप सिद्ध मानते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत सात साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के दौरान न्यायालय के बाहर खड़े आरोपी के परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। फरियादी के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि इमलिया निवासी दलित बर्ग की एक महिला ने जुलाई 14 में गांव के ही कल्याण जाटव के खिलाफ घर में घुस कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने अनुसंधान के बाद न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय एडीजे संख्या एक के न्यायाधीश रंजनसिंह ने पुलिस के आरोप पत्र पर दोनों पक्ष के गवाहों के बयान, अधिवक्ताओं की बहस सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों पर गौर करने के बाद आरोपी कल्याण जाटव पर आईपीसी की धारा 323, 376 के तहत आरोप सिद्ध मानते हुए सात साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।




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