बासतूनी:मनरेगा कार्यस्थल पर कब होगी छाया की व्यवस्था
फ़िरोज़ खान
बारां 5 जून । बासथूनी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर वन कुई की तलाई खुदाई का कार्य चल रहा है। मनरेगा कार्यस्थल पर छाया की कोई व्यवस्था नही होने के कारण इस भीषण गर्मी में मनरेगा श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्य स्थल पर 103 श्रमिक कार्य कर रहे थे। जबकि मस्टररोल 209 श्रमिकों की है। कन्हैयालाल व प्रभुलाल तथा गिरिराज ने बताया कि इस तेज धूप में काम करते है, उसके बावजूद भी मजदूरी कम मिलती है। जबकि अभी न्यूनतम मजदूरी 192 रुपए है। उसके बाद भी 110 के आस-पास से भुकतान मिलता है । कम भुकतान मिलने की शिकायत कई बार मेठ को की जा चुकी है। उसके बाद भी भुकतान में सुधार नही हुआ है। वहीं पानी के लिये गांव से भरकर ले जाकर पानी पिलाते है। इसी तरह इसी पंचायत के गांव हीरापुर में फूटी तलाई खुदाई का कार्य चल रहा है। मेठ मेहबूब खान ने बताया कि 130 श्रमिकों की मस्टररोल चल रही है । जिसमें 72 श्रमिक उपस्थित थे। यहाँ भी कार्यस्थल पर छाया व मेडिकल की कोई व्यवस्था नही है। वहीं श्रमिक जगदीश सहरिया, जयराम, रामस्वरूप, ने बताया कि हीरापुर से कार्यस्थल की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। इस आने जाने में ही एक घण्टा खराब हो जाता है । उन्होंने बताया कि मनरेगा श्रमिकों को गांव के आसपास ही काम मिलना चाहिए। श्रमिको ने बताया कि कम मजदूरी मिलती है। और समय पर भुकतान भी नही मिलता है । मेठ मेहबूब खान ने इस सम्बंध में बताया कि हम तो टास्क के आधार पर ही भुकतान भरते है। आगे से ही मजदूरी कम आती है तो उसमें मेठ क्या कर सकता है। वही कार्यस्थल पर उपस्थित सभी श्रमिक टास्क पूरी करने के बाद भी बैठे हुए थे। तो मोके पर ही विकास अधिकारी राहुल कुमार से दूरभाष पर बात कर श्रमिकों की छुट्टी करवाई गयी। उंन्होने मेठ मेहबूब खान को बोला कि अगर श्रमिक अपनी टास्क समय से पहले पूरी कर लेता है तो वह कार्यस्थल छोड़ सकता है। वहीँ इस सम्बंध में मुख्यकार्यकारी अधिकारी रामजीवन मीणा जिला परिषद बारां ने बताया की छाया के लिए सभी ग्रामपंचायत सचिवों को निर्देश दे रखे है। और मेडिकल किट के लिए सीएमएचओ बारां को लिख रखा है । अगर उसके बाद भी कार्यस्थल पर सुविधाएं नही है तो सम्बंधित ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी।




Recent Comments