देश की सबसे बड़ी यूपी का असेम्बली उड़ाने की आतंकी साजिश हुई नाकाम
 
शीतल प्रसाद गुप्ता
Edited by azad nab
लखनऊ (यूपी) 14 जुलाई। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर-प्रदेश की असेम्बली को उड़ाने की आतंकी साजिश नाकाम हो गई।आज शुक्रवार को विधान सभा मे मिला 500 ग्राम  PETN नाम का  विस्फोटक। बड़े विस्फोटो में किया जाता है इसका इस्तेमाल। डेटोनेटर और नाइट्रेट से हो सकता था। बड़ा विस्फोट। सीएम योगी ने कहा आतंकी साजिश की करवाई जाएगी उच्च स्तरीय जांच। असेम्बली की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। विधानसभा मे PETN की बरामदगी पर ADGLO का बयान-NIA के साथ ATS भी करेगी मामले की जांच, ATS कमांडों लगाए जाएंगे।
सुरक्षा में चूक से सीएम नाराज:हो सकती है आतंकी साजिश-योगी
विस्फोटक पाउडर मिलने के मामलेकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी जाएगी। योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को विधानसभा मेअपने भाषण के दौरान जब इस आशय का प्रस्ताव रखा तो सदन ने सर्वसम्मति से उसे पारित कर दिया।इससे पहले सदन से घटना की कड़ी निन्दा की। सदन ने मानाकि यह विधानसभा को उड़ाने की आतंकी साजिश भी हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी सुरक्षा से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दीजाएगी।उन्होंने कहा कि किसी को भी सुरक्षा जांच कराने में शर्म नहीं आनी चाहिए। सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का पता लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के भाषण के बाद विधायकों को छोड़ सभी के वाहन पास निरस्त करने और विधायकों के मोबाइल अंदर ले जाने कर प्रतिबंध लगा दिया गया। विधायक भी अपने साथ किसीको नहीं ले जा सकेंगे।उनके ड्राइवरों के लिए भी अलग से पास जारी होगा। पूर्व विधायकों का भी वाहन पास निरस्त किया जाएगा। बॉडी स्कैनर मशीनें लगेंगी विधानसभा की सुरक्षा के लिए अब विधान भवनके सभी प्रवेश द्वारों पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात की जाएगी। प्रवेश द्वार पर पूरा शरीर चेक करने के लिए स्कैनर मशीन लगाई जाएगी।
बेहद खतरनाक है विस्फोटक: योगी
योगी ने कहा कि यह मामला 22करोड़ लोगों की सुरक्षा से जुडा है।इसका खुलासा होना ही चाहिये।इसमें सभी सदस्य सहयोग करेंगे। योगी ने कहा कि सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।इसमें सबका सहयोग जरुरी है।सफाईकर्मियों को मिला पाउडर पहले सामान्य लगा। लगा कि कोई सामान्य रसायन है, लेकिन जांच के बाद मिले लैब की रिपोर्ट से पता चला कि यह शक्तिशाली विस्फोटक पीईटीएन है।मात्रा तो केवल 150 ग्राम थी लेकिन इसके विस्फोट से बड़ा नुकसान हो सकता था।पूरे विधान भवन को उड़ाने के लिये 500 ग्रामयह विस्फोटक काफी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवाल यह उठता है कि आखिर वे कौन लोग हैं जिन्होंने इसे यहां पहुंचाया।जनप्रति निधियों के विशेषाधिकार हैं तो क्या उन्हें सुरक्षा में छूट दे देंगे।यह खतरनाक प्रवृत्ति है। खतरनाक स्थिति पैदा होगयी है।विधानभवन के कर्मियों का पुलिस वैरीफिकेशन होना चाहिये। उन्होंने कहा कि जो भी विधान भवन के अन्दर आये उसकी गहन तलाशी होनी चाहिये। वह जब पहली बार विधान भवन आये तो उन्हें अचरज लगा क्योंकि विधान सभा के सदस्यों से ज्यादा अन्य लोग इधर-उधर घूम रहे थे।किसी को सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती।