अंता नगर बना कायन हाउस,पालिका प्रशासन सुस्त
कब चेतेगी नगर पालिका, घटनाओं के बाद भी सुधार नहीं
उस्मान खान ( Edited by आज़ाद नेब )
अंता 23 मई- यूँ तो नगर पहले ही अतिक्रमण कारियों के चंगुल में फंसा हुआ हे।उस पर नगर पालिका के निकम्मेपन की हद उस समय दिखाई देती हे जब भीड़ भाड़ भरे बाजार एवं मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के झुण्ड दिखाई दैते हैं,नगर में आवारा पशुओं के डेरों के नजारे सब्जीमण्डी सीसवाली रोड़ बस स्टेण्ड बमोरी चोराहा आदि पर देखे जा सकते हैं ।नगर के मुख्य मार्ग कोटा बारां रोड़, सीसवाली रोड़,व् सब्जी मण्डी में दिनभर आवारा जानवर मार्ग को अवरुद्ध करते हुए देखे जा सकते हे ,कभी कभी तो हालात तब बिगड़ जाते हे, जब जानवर आपस में लड़ बैठते हे ।और आसपास से गुजरने वाले लोग उनकी लड़ाई का शिकार हो घायल हो जाते हे । ज्ञात रहे की नगर के सब्जीमण्डी स्थित व्यस्तम मार्ग पर कई मर्तबा जानवरों द्वारा बुजुर्ग महिला पुरुषों को घायल कर दिया गया। वही यह जानवर मार्ग जाम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हे तथा चीन की दीवार की भांति सड़कों पर पसरे रहते हे लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन इन जानवरों को पकड़ने में नाकाम रहा हे । मजे की बात यह हे की नगरपालिका प्रशासन सब्जी एवं फल विक्रेताओं से तह बाजारी के रूप में पैसे वसूलता हे।लेकिन सुविधा देने के नाम पर शून्य बना हुआ हे ।
कायन हाउस बना भूतो का डेरा
कहने को तो नगर में गढ़ परिसर के अंदर कायन हाउस बना हुआ हे जहाँ वर्षों पूर्व आवारा जानवरों को नगर पालिका कर्मचारी पकड़कर बन्द कर देते थे । तथा आर्थिक दंड देकर मालिकों को जानवर सौंपते थे । लेकिन लम्बे समय से यह कायन हाउस बन्द पड़ा हुआ हे जो वीरान एवं खण्डहर के रूप में तब्दील हो गया हे , दूसरी और नगरपालिका के निकम्मेपन के चलते तथा आवारा जानवरों के हर कहीं विचरण करते ऐसा लगता हे की पूरा नगर ही कायन हाउस में तब्दील हो गया हे ।जहाँ जगह जगह आवारा सांड दिलेरी से घूमते दिखाई देते हैं ।
घटनाओं के बाद भी नहीं हुआ सुधार
नगर के मुख्य मार्ग एवं चोराहे पर आवारा पशुओं की मोजुदगी से यह तो साफ कर दिया हे की नगर पालिका के जिम्मेदार लोगों की संवेदनाएं भी पूरी तरह से मिट चुकी हैं । कई घटनाएं होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन ने कोई भी कारगर कदम इस और नहीं उठाए। आने वाले समय में सब्जीमण्डी में फिर कोई बुजुर्ग महिला पुरुष को जानवरों द्वारा घायल कर दिया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं। ज्ञात रहे की न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी अंता अधिशाषी अधिकारी को पूर्व में आवारा जानवरो को नगर पालिका द्वारा पकड़कर गौ शालाओं में भिजवाने के नोटिस जारी किये गए थे लेकिन उन आदेशों की भी नगर पालिका अधिकारियो द्वारा पालना नहीं की गई । और न ही अब तक गौ सेवक संघटन इस समस्या के समाधान को लेकर आगे आया हे ।




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