हाय रे नाले की आबरू ओर मच्छरों का दुःख

 व्यगंकार डाॅ अनवर कमाल
 इन तस्वीरों को देख कर आप समझ रहे हैं। कि मै समझ रहा हूँ। कि आप क्या समझ रहे हैं।मै महसूस कर रहा हूँ  के आप समझ रहे हैं कि न0 पा0 प0 प्रशासन उझानी द्वारा मोहल्ला गंज शहीदा वासियों के लिए लेटने बैठने  आराम करने और डेटिंग के लिए हरी हरी के साथ पार्क का निर्माण कराया गया है।लेकिन आप की सोच न0 पा0 द्वारा निर्मित नाले की सोच से ऊपर हरगिज़  नही हो सकती  आप जो समझ रहे हैं  वो गलत है।पालिका प्रशासनके नाज़ुक कन्धों पर सफाई का बोझ न पड़े इसलिए  सफाई को तरस रहे गंदगी से लबरेज इस मजबूर नाले को मुहल्ले वासियों पर तरस आगया। न0पा0  को तो रहम नही आया लेकिन इस नाले ने जनहित में अपनी आत्म शक्ति का प्रयोग कर कीड़े मकोड़े मच्छर युक्त   बदबूदार कीचड़ पर मखमली घास का बिछोना बिछा कर नाले की आबरू मोहल्ले का सम्मान न0पा0 की इज़्ज़त की लाज रख ली ।दूसरी तरफ इस समय मच्छर फॉगिंग की वाट जोह रहे हैं।अपनी भिनभिनाहट में मदमस्त कभी इस कान के द्वार कभी उस कान के द्वार कोई पुराना गीत आधुनिक संगीत में ढाल कर मानव को मस्त कर देता है और इसी मस्ती का फायदा उठा कर श्री मती मच्छर देवी शरीर में डंक मर कर खून से अपनी प्यास बुझा लेती।यदि समय रहते न0पा0प0 ने   मच्छरों की मांगों को मान फॉगिंग के लिए उचित क़दम नही उठाये तो मच्छर भीअपने अधिकारों का प्रयोग कर जनहित(चिकत्सक हित) में  डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया टायफाइड से पीड़ित  रोगियों को चिकत्सालयों के बिस्तर पर मखमल की तरह बिछाने के लिए बाध्य होंगे।चिकित्सकों के हित में मच्छरों द्वारा उठाये जाने वाले इन अभूतपूर्व क़दमो के लिए न0पा0 प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग को किन अक्षरो में लिखा जायेगा इस विचारणीय प्रश्न के उत्तर के लिए हम आपके अभिलाषी हैं।