सिवान :
 …वतन की अस्मत पर आंच न आने देंगे
न्यूज़ इनपुट -परवेज़ अख्तर 
 सिवान :
 स्थानीय शुक्ल टोली में अंजुमन उर्दू हिंदी साहित्य के तत्वावधान में मौलाना मजहरुल हक की जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार की शाम कवि सम्मेलन सह मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के सचिव सैयद आरिफ हसनैन एवं मंच संचालन
राष्ट्रीय नैतिक उत्थान मंच के सचिव  डॉ. प्रवींद कुमार शुक्ल ने किया।
इसमें मौलाना साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा देश की आजादी तथा हिंदू-मुस्लिम एकता में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
तत्पश्चात कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
शफीर मकदुमी के कलाम की रचना-बुलंदी के नशे में चूर था जो,वही बिखरा पड़ा है रेत में क्या… खूब सराही गई।
महजबी तब्बसुम फिरोजपुरी का कलाम- जान देंगे पर परचम को न झुकने देंगे, वतन की अस्मत पर आंच न आने देंगे… का श्रोताओं ने तालियां बजा स्वागत किया। डॉ. प्रवींद कुमार शुक्ल ने हम हिंदू हैं या मुसलमान हैं, सिख हैं या ईसाई… प्रस्तुत कर एकता
का संदेश दिया। कुदसिया आलिया ने- अम्नो चैन मुल्क में बनाए रखिए, अपना हिंदोस्तां है इसको सजाए रखिए…,कुलदीप कुमार मनोरंजन ने
-मैं बस यूं ही नहीं आ गया हूं, इस महफिल में…, हाफिज मो. फरजान ने- हर कदम पे जमाने को सबक पढ़ाया है, आजादी-ए-वतन के लिए हमने लहू बहाया है…, अजय कुमार ने मरता है क्यों तू बेवजह झूठी आन पर, मरना है तो मर तू अपने हिंदोस्तान पर… सुनाया।
सैयद आरिफ हसनैन, मो. सुल्तान, प्रो. विंध्येश्वरी प्रसाद, मो. कादिर आदि ने भी अपनी रचनाओं को पेश किया।