सिवान :अपहरण कर हत्या मामले में 10 वर्ष की सजा
# तीन हजार जुर्माना भी देना होगा
# पांच वर्ष पूर्व चाचा ने ही की थी हत्या

प्रवेज़ अख्तर/सीवान :
तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत ने पांच वर्ष पूर्व छह वर्षीय बालक का अपहरण कर हत्या के मामले में आरोपी चाचा को दोषी पाते हुये 10 वर्ष की सजा सुनाया है. साथ ही तीन हजार रूपया का जुर्माना की राशि नही देने पर दो व एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. आरोपी हुसैनगंज थाना के सिंगारपट्टी निवासी राकेश कुमार यादव 26 जुलाई 2013 से ही मंडलकारा में बंद था. कोर्ट ने जेल में रहने की अवधि को सजा में समायोजन करने का निर्देश दिया है. बताते चले कि हुसैनगंज थाना के सिंगारपट्टी निवासी सरयू यादव ने अपने बयान में कहा है कि 24 जुलाई 2013 को संध्या 6 बजे हमारा पोता अभय कुमार उर्फ छोटू उम्र 6 वर्ष व हमारे हित का लड़का प्रिंस 8 वर्ष गांव के बगल के बगीच में शौच करने के लिये गये थे. प्रिंस घर वापस आ गया. उसने बताया कि छोटू को चाचा राकेश अपने साइकिल पर बैठाकर पकौड़ी खिलाने के लिये हबीब नगर के तरफ ले गये है. देर रात्रि तक जब छोटू घर वापस नहीं आया तो पट्टीदार राकेश कुमार यादव के यहां पूछताछ करने के लिये गये. वहां जानकारी मिली कि आरोपी राकेश यादव बली गांव में अपनी बहन के यहां गया है. सभी लोग बली गांव गये और राकेश कुमार यादव को पकड़ कर लाया गया. पूछताछ करने पर उसने संतोष जनक जवाब नहीं दिया. घरेलू विवाद के चलते पट्टीदार राकेश कुमार यादव ने मेरे पोता का अपहरण कर हत्या कर दिया है. घटना के दूसरे दिन प्रतापपुर नहर से शव बरामद किया गया. इस मामले में न्यायालय में नौ गवाहों की गवाही दी गयी है. गवाहो की गवाही व दोनों पक्ष का बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया है. इस मामले में सजा के बिंदु पर अभियोजन के तरफ से एपीपी रवींद्रनाथ शर्मा व बचाव पक्ष के ओर से वरीय अधिवक्ता सुभाष्कर पांडे ने बहस किया. एडीजे तीन मनोज कुमार ने भादवि की धारा 304 में 10 वर्ष की सजा व दो हजार का जुर्माना किया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा तथा 363 में सात वर्ष की सजा व एक हजार रूपया जुर्माना की है. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.




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