सारण :डेंगू से पीड़ित युवक का झाड़-पुक के चक्कर मे गयी जान
#न्यूज़ इनपुट -सुरभि तिवारी
तरैया
गरीबी और अंधविश्वास ने एक युवक की जान ले ली है।घटना पोखरेरा गाँव की है जहाँ डेंगू से पिड़ित युवक का झाड़ फूक के चक्कर मे मौत हो गया है।मृतक रामनारायण महतो का 22 वर्षीय पुत्र नकुल महतो है।जो तमिलनाडु में मजदूर का काम करता था।एक माह पूर्व अपने गाँव आया था।तब उसे बुखार हो गया था।परिजनों उसका उपचार पटना के पाटलिपुत्रा हॉस्पिटल में करवाया जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को डेंगू हो गया है।लगभग 15-20 दिन उपचार कराने के बाद जब मरीज की हालत में सुधार हो गया तो परिजन उसके घर आ गये।आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण शायद सम्पूर्ण उपचार नही हो सका फिर परिजनों ने गाँव मे ही उक्त युवक झाड़-फूक कराने लगे।इसी दौरान शुक्रवार की संध्या युवक की मौत हो गयी।मृतक के पिता रामनारायण महतो ने बताया की मेरा पुत्र प्रदेश में काम करता था।तबियत खराब था।तो पटना दिखाया गया था।अब ठीक हो गया था।तो कुछ ओझा से भी दिखाया गया था।जिसकी अचानक मौत हो गयी।मृतक की माता उर्मिला देवी ने बताया कि जहाँ -जहाँ ओझा लोग के पास गए वे लोग लौंग बनाकर दिए।पटना डॉक्टर के पास भी दिखाया लेकिन कुछ नही हुआ मेरा पुत्र मर गया।
#इलाज से ज्यादा झाड़-फूक में विश्वास करते है इस मुहल्ले के लोग-
इस आधुनिक वैज्ञानिक युग मे तरैया प्रखण्ड के पोखरेरा गाँव मे एक टोला ऐसा भी है।जहाँ घर-घर ओझा और भक्तिन है।यहाँ जब किसी को कोई बीमारी होती है तो पहले झाड़-फूक किया जाता है।फिर उसके बाद डॉक्टर से दिखाया जाता है।उक्त पंचायत के बीडीसी पिन्टू कुमार ने बताया कि यह पिछड़ो की बस्ती है जहाँ लोग इस युग मे भी झाड़-फूक और जादू मंत्र पर विश्वास करते है।छः वर्ष पूर्व भी एक युवती की मौत ऐसे ही झाड़-फूक में हुई थी।
#घटना के बाद मुहल्ले में पसड़ा सन्नाटा-
घटना के बाद मृतक की माता उर्मिला देवी और पिता रामनारायण महतो का रो-रो कर बुरा हाल है।घटना के बाद से पड़ोस के लोग सहमे हुए है।पड़ोसियो का मानना है कि उक्त युवक की मौत जादू टोने से हुई है।