सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की हुई शुरुआत, 14 दिनों तक चलेगा अभियान

सिविल सर्जन ने किया कार्यक्रम की शुरूआत

✍परवेज़ अख्तर/सीवान

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला सहित अन्य प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम(एमडीए) की शुरुआत की गयी। इस अवसर पर जिला सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ अन्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने फाइलेरिया की दवा सेवन कर कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जिला सिविल सर्जन डॉ. आशेष कुमार ने बताया फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में अगले 14 दिनों तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के ऊउन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी। इस अवसर पर जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मणिराज रंजन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय, भीबीडी यज्ञ शर्मा, एमआई प्रिति आनंद, विजय कुमार, लिपिक बीरबहादुर यादव समेत अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद थे।

डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ खिलाई जायेगी

इस अभियान में डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। एलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।

टीम का हुआ गठन

जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए दो आशाओं की एक टीम बनाई गयी है। इसके लिए टीम का गठन कर लिया गया है। 1601 कर्मियों की टीम बनायी गयी है। प्रत्येक दस आशा कार्यकर्ताओं पर एक सुपरवाईजर की प्रतिनियुक्ति की गयी है। एक टीम छह दिन हीं काम करेगी।

तीन स्तर पर होगा अनुश्रवण

अनुश्रवण एवं सहायक पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए तीन स्तर पर तैयारियां की गयी है। आशा पर्यवेक्षक 10 टीम यानि 20 ड्रूग एड्मिनिसट्रेटरों की मोनिट्रिंग एवं सहयोग करेंगी। इनके द्वारा एक दिन में तीन घरों का दौरा कर निरीक्षण किया जाएगा। आशा पर्यवेक्षक प्रतिदिन ड्रूग एड्मिनिसट्रेटर से रिपोर्ट एकत्रित कर प्रखण्ड स्तर पर साझा करेंगी। इसके लिए अनुश्रवण/सुपरविजन फ़ारमैट भी तैयार किए गए हैं। बेहतर अनुश्रवण सुनिश्चित करने के लिए प्रखण्ड स्तर पर केटीएस, बीसीएम एवं अन्य प्रखंड स्तरीय मॉनिटर प्रत्येक दिन 3 आशा पर्यवेक्षकों एवं प्रति पर्यवेक्षक 1 टीम की मोनिट्रिंग करेंगे। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी अभियान के दौरान जिले से प्राप्त आंकड़ों को प्रतिदिन राज्य फाइलेरिया अधिकारी से साझा करेंगे। साथ ही जिले में सर्वाधिक प्रभावित प्रखंडों का दौरा कर एमडीए अभियान का जायजा लेंगे। वीबीडी समन्वयक एवं मलेरिया इंस्पेक्टर भी प्रतिदिन 3 आशा पर्यवेक्षक (3 पर्यवेक्षी क्षेत्र के ) एवं प्रत्येक पर्यवेक्षी क्षेत्र से एक टीम कवर करेंगे।

एक दिन में 50 घरों मे दवा खिलायेंगी आशा

प्रत्येक आशा को एक दिन करीब 50 घर में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु आशा एवं आँगनवाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर लक्षित समुदाय को फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। साथ ही आशा एवं आंगनवाड़ी यह सुनश्चित करेंगे कि उनके सामने ही लोग दवा का सेवन करें।

उँगलियों पर की जाएगी मर्किंग

शत-प्रतिशत लक्षित समूह को दवा सेवन सुनिश्चित कराने के मकसद से इस बार के एमडीए कार्यक्रम में कुछ नए बदलाव किए गए हैं। अब पोलियो अभियान की तर्ज़ पर एमडीए कार्यक्रम के दौरान भी दवा सेवन करने वाले लोगों के बाएँ हाथ की तर्जनी नाखून पर मर्किंग की जाएगी। इसके लिए सभी लक्षित ज़िलों में मार्कर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गयी है।