संजीवनी किचेन के माध्यम से 3800 लोगों को कराया गया नि:शुल्क भोजन

• लॉकडाउन के दौरान संचालित संजीवनी किचन का हुआ समापन

• गरीब और बेसहारा परिवारों को मिला सहारा

छपरा। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण जब लॉकडाउन लागू किया गया था, तो जिले में कई ऐसे परिवार हैं जिनको दो वक्त की रोटी को जुटाने के लिए सोचना पड़ता था। वैसे मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला चालक व बेसहारा परिवारों के लिए समाज के कई प्रबुद्ध लोगों ने सहारा बनकर मदद किया। उन्हीं में से एक हैं शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक व संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर अनिल कुमार। जिन्होंने संजीवनी किचन के माध्यम से डेढ़ माह में करीब 38 सौ व्यक्तियों को नि:शुल्क भोजन कराया है। डॉ अनिल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कई ऐसे परिवार थे जिनके सामने काफी समस्या उत्पन्न हो चुकी थी।संजीवनी किचन में प्रतिदिन दो टाइम भोजन कराया जा रहा है अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा उनके साथ रहने वाले परिजनों को भी निशुल्क भोजन कराया जा रहा है। इसके साथ ही राहगीरों व जरूरतमंद व्यक्तियों को संजीवनी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है । इस कार्य में पिछले डेढ़ माह से संजीवनी परिवार के सभी सदस्यों ने अपने कर्तव्य को बखूबी निर्वहन किया है।उद्देश्य यही है कि इस संकट की घड़ी में कोई भी गरीब परिवार भूखा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इस महामारी में हम सभी को एकजुट होकर मजबूत लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। कोरोना काल में अपने आसपास के जरूरतमंदों को हम सबको मदद करनी चाहिए। ताकि कोई भी परिवार भूखा नहीं रहे। पिछले दो माह में संजीवनी किचन के माध्यम से हजारों भूखे पेट को भोजन उपलब्ध कराया गया है।