शहीद राजू का पैतृक गांव मे हुआ दाह संस्कार,06 वर्षीय पुत्र ने दिया मुखाग्नि
तरैया (सारण):थाना क्षेत्र के जैथर गाँव मे पठान कोर्ट में शहीद राजू कुमार सिंह का शव सोमवार को देर रात्री पहुँचा, गाँव में ही शव का अंतिम दाह संस्कार किया गया गया।सैनिक को उसके 06 वर्षीय एकलौते पुत्र ने मुखाग्नि दिया।इस दृश्य को देख सारे लोगों की आँखे नम हो रही थी।शाहिद राजू कुमार सिंह जैथर गाँव निवासी रिटायर्ड सैनिक ललन सिंह का पुत्र है।शाहिद के पिता 1987 ई०में आर्मी से रिटायर्ड हुए थे।राजू वर्ष 2005 मे सेना में बहाल हुआ।जो बिहार रेजिमेंट दानापुर में ट्रेनिग कर हिमाचल प्रदेश के बकोलो कैम्प चला गया।उसके बाद पठान कोर्ट में देश की सेवा कर रहा था।अचानक उसकी तबियत खराब हो गयी जिसे 22 मई को चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।02 जून को उपचार के दौरान राजू की मौत हो गयी।जिसका शव इंडिगो एयरलाइन्स से सोमवार को पटना एयरपोर्ट लाया गया।देर रात्रि शव पैतृक गाँव जैथर पहुँचा।जहाँ रात्री में ही शाहिद जवान का अंतिम दाह संस्कार किया गया।मुखाग्नि जवान के 06 वर्षीय पुत्र साक्ष्य कुमार ने दिया।इस दृश्य को देख सबकी आँखे नम हो गयी।उक्त मौके पर बिहार रेजिमेंट के सूबेदार आर.एन. राव,नायक सूबेदार संजय कुमार सिंह,महराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल,पूर्व विधायक जनक सिंह,जिला पार्षद प्रियंका सिंह,मुखिया गजेंद्र सिंह,धीरज कुमार सिंह,राजीव रंजन सिंह,तरैया थानाध्यक्ष मनोज कुमार प्रसाद,इसुआपुर थानाध्यक्ष व अन्य मौजूद थे।
*मेरा पुत्र मरा नही देश के लिए शहीद हुए है,वृद्ध पिता ने कहा*
शाहिद जवान राजू कुमार सिंह के पिता ललन सिंह जो नायक सूबेदार से रिटार्यड है उन्होंने कहा कि मैंने सारी उम्र देश की सेवा किया है।अपने बेटे को भी देश की सेवा के लिए भेजा था।मेरा बेटा मरा नही वह देश के लिए शहीद हुआ है।तिरंगे में लिपटे पुत्र के शव को देख पिता ने कहा भारत माता की जय।शाहिद राजू वर्ष 2005 में सेना में बहाल हुआ था।जिसकी शादी वर्ष 2010 में शोभा सिंह के साथ हुई थी।शाहिद जवान को एक 06 वर्षीय पुत्र साक्ष्य कुमार है।मृतक का बड़ा भाई मुन्ना सिंह गाँव मे ही आर्मी का कोचिंग चलता है।तथा छोटा भाई कुंदन कुमार अभी पढ़ाई कर रहा है।घटना के बाद पूरा परिवार गमगीन है।माता कलावती देवी और पत्नी शोभा देवी बेसुध पड़ी है।जिन्हें चिकित्सकीय उपचार किया जा रहा है।




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