वैश्य महासभा ने जुलूस निकालकर मांग की ओर प्रशासन का ध्यान कराया आकृष्ट

छपरा।सारण जिला राष्ट्रीय वैश्य महासभा छपरा ने नगर निगम छपरा तथा जिला प्रशासन सारण के खिलाफ एक जुलूस निकाल कर छपरा शहर के हर गली मोहल्लों में व्याप्त गंदगी एवं जलजमाव को शीघ्रातिशीघ्र सफाई कराकर मुक्ति दिलाने की मांग की गई। जिसका नेतृत्व महासभा के अध्यक्ष वीरेंद्र साह मुखिया तथा महासचिव छठी लाल प्रसाद ने किया।जुलूस में वीरेंद्र साह मुखिया, छठी लाल प्रसाद,अमित कुमार गोल्ड, राजेश कुमार बम,श्रीकांत प्रसाद, कन्हैया कुमार, अजय प्रसाद एलआईसी, डॉ अशोक कुशवाहा जिला अध्यक्ष रा लो स पा, पूर्व वार्ड पार्षद जयचंद प्रसाद, गुड्डू जी, अजय कुमार, साकेत कुमार, अरुण कुमार, सोनू कुमार उपेंद्र कुमार आदि ने भाग लिया। जुलूस में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने हाथों में अनेकों नारों- “जिला प्रशासन हाय हाय”,”छपरा के सभी जनप्रतिनिधि होश में आओ”,”छपरा नगर निगम मुर्दाबाद”,”नगर निगम में प्रतिमाह लाखों की लूट बंद करो”,”छपरा शहर को जलजमाव से मुक्ति दो”,छपरा की जनता करे पुकार बंद करो सब भ्रष्टाचार”आदि पोस्टरों को लेकर संबंधित अधिकारियों को नींद से जगाने और उनको दायित्व निर्वहन करने हेतु जागृत किया।
यह जुलूस छपरा नगर थाना चौक होते हुए नगरपालिका चौक स्थित छपरा नगर निगम कार्यालय में जाकर समाप्त हुआ। इसके अतिरिक्त सारण जिला राष्ट्रीय वैश्य महासभा छपरा की ओर से नगर आयुक्त, नगर निगम छपरा सारण को अनेकों व्यवसायियों एवं आमजनों के हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन भी दिया गया।
जिसमें यह मांग की गई कि छपरा शहर को नारकीय स्थिति से उबारने में शीघ्र पहल की जाय। विगत दो-चार दिनों की बारिश ने छपरा नगर निगम की सफाई व्यवस्था एवं क्रियाकलापों की पोल खोल कर रख दी है।
क्योंकि छपरा शहर का कोई ऐसा गली या मुहल्ला नहीं है जिस गली और मुहल्ले में जलजमाव न हो। यहां तक की शहर के अनेक लोगों के घर एवं दुकान में वर्षा का जल एवं इसके साथ-साथ नाली का मल-मूत्र युक्त गंदा पानी भी घुस गया है। जिससे कितने व्यवसायियों का माल भीग जाने से खराब हो गया है तथा चारों ओर दुर्गंध ही दुर्गंध व्याप्त हो गया है। इस तरह शहर वासियों को जीवन नारकीय हो गया है।
अभी तक कोरोना महामारी के चलते शारीरिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षति की मार तो शहरवासी सहते आ हीं रहे हैं । लेकिन अब शहर के चारों ओर गंदगी फैल जाने तथा कचरायुक्त जलजमाव एवं सरांध हो जाने के कारण घर एवं प्रतिष्ठान में तरह-तरह की अन्य बीमारियों के फैलने का डर भी हो गया है।
अगर छपरा नगर निगम के सक्षम पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर शहर के गली-नाले की समुचित सफाई की व्यवस्था की जाती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
अतः छपरावासियों ने जुलूस निकालकर एवं ज्ञापन देकर संबंधित अधिकारियों से यह मांग किया हैं कि यथाशीघ्र शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाई जाए। नहीं तो बाध्य होकर छपरा नगर के लोग जन आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।




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