राज्यस्तरीय टीम ने की अमानत ज्योति कार्यक्रम की समीक्षा बैठक
• मास्टर ट्रेनरों के साथ बैठक कर ली कार्यक्रम की जानकारी
• सुरक्षित मातृत्व में अहम योगदान
• कार्यक्रम के तहत एएनएम एवं नर्सों का क्षमतावर्धन

छपरा/ 29 नवम्बर: जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में अमानत ज्योति कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की गयी। जिसमें केयर इंडिया के दीपीका राणा ने आमनत ज्योति कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित सभी प्रखंड के एएनएम के साथ बैठक कर चल रहे कार्यक्रम की जानकारी ली। इस दौरान फैसलिटी पर दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गयी। एएनएम के कार्य करने के तरीको के बारे में वितस्तार से चर्चा की गयी।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी : केयर इंडिया के दीपीका राणा ने बताया अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत जिले के सभी प्रखंडों के दो-दो एएनएम को डीएमटी(डिस्ट्रिक्ट मोनिट्रिंग टीम) प्रशिक्षण दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रसव के दौरान माता एवं नवजात को बेहतर ढंग से चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु लेबर रूम में कार्यरत नर्स को प्रशिक्षित कर उनका क्षमतावर्धन किया जा रहा है। जिसमें प्रसव की जटिलतायें, संक्रमण, रेफरल की सुविधा आदि विषयों को शामिल किया गया। इन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने बताया इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मातृत्व और नवजात शिशुओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी देना है। महिलाओं के प्रसव के समय जानकारी रहने पर एएनएम बेहतर परामर्श और देखभाल कर सकती है। आकस्मिक समस्या आने पर चिकित्सकों को सूचना और सलाह के आधार पर प्रसव कराने वाली महिला की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत एएनएम को ट्रेंड करने के लिए केयर इंडिया के तकनीकी सहयोग से राज्य स्वास्थ्य समिति के दिशा-निर्देश में अमानत ज्योति कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल से राज्य में मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति के एमएनई भानू शर्मा ने कहा एएनएम के स्किल डेवलपमेंट के मकसद से यह ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमानत योजना के शुरू होने से एक महीने से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में करीब सात फीसदी की कमी आई है। अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत प्रखंड से चयनित दो-दो एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षित दो-दो एएनएम को मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। ये सभी एएनएम प्रखंडस्तर पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर में अन्य एएनएम को प्रशिक्षण देती हैं।
क्या है अमानत कार्यक्रम
केयर इंडिया के अमानत एनएमएस ज्योति डागर ने बताया यह कार्यक्रम मातृ ,नवजात एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत चिकित्सकों एवं नर्सों को सुरक्षित प्रसव कराने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी लायी जा सके।
यह होगा फायदा
 इस कार्यक्रम के तहत कमजोर नवजात की पहचान एवं आवश्यक देखभाल में सुधार होगा
 बच्चों एवं महिलाओं में खतरे के कारणों की पहचान एवं उपचार में गुणात्मक सुधार होगा
 साथ ही गर्भवती महिलाओं का नर्स एवं अस्पताल कर्मियों पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा
 अमानत कार्यक्रम प्रारंभ होने से अस्पताल की चिकित्सा गुणवता में सुधार होगा
 इससे अस्पताल के चिकित्सकीय व्यवस्था का सर्वांगीण विकास होगा