•मोदी बोले-राजनाथ कब तक होगी कड़ी निंदा और उधर सेना ने उड़ा दी दो पाकिस्तानी चौकियां

अजीत भारती की क़लम से:-अच्छा रहा कि इस बार कड़ी निन्दा नहीं हुई। जब कड़ी निंदा नहीं होती है तो मीडिया पूछने लगता है कि रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री सब चुप क्यों हैं? कुछ लोग अमेजन से चूड़ी भेज देते हैं। 
आज आतंकियों ने पाँच पुलिसवाले, और दो बैंककर्मी मार दिए। उसके पहले दोपहर में पाकिस्तान ने दो फ़ौजियों के सर काट दिए। सबको इंतज़ार था कड़ी निंदा का। लेकिन वो नहीं हुआ।
ताज़ा ख़बर ये है कि, वो भी सूत्रों के हवाले से, भारतीय सेना को सरकार ने ‘फ़्री हैण्ड’ दे दिया है इसका बदला लेने के लिए। क्यों दिया इसका हमको एक ही सही कारण लगता है, वो ये कि सरकारों को पता नहीं होता ऐसी कार्रवाई का जवाब कैसे दें, तो एक्सपर्ट्स पर छोड़ दिया गया। 
इसका नतीजा ये हुआ है कि दो बंकर ध्वस्त करते हुए सात पाकिस्तानी सैनिक मार गिराए गए। बेचारे किसी के बेटे, भाई, बाप आदि होंगे, ऐसा मीडिया के कई एंकर और मानवतावादी कहेंगे। और ये भी कहेंगे कि शांतिवार्ता ही सही राह है। हलाँकि, ये वही लोग हैं जो ये भी कहते हैं कि ये सरकार बस कड़ी निंदा करती है। 
आशा है इसका विडियो बना लिया होगा आर्मी ने क्योंकि आजकल वीडियो के बिना कुछ नहीं होता। 
हमको भी लगता है कि शांतिवार्ता ही असली राह है। युद्ध टलते रहना चाहिए लेकिन ध्यान रहे कि अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च। वार्ता की बात बिना नकारे ऐसी कार्रवाई का जवाब ज़्यादा बीभत्स कार्रवाई करके दिया जाय। 
मतलब ये कि वार्ता चूड़ियाँ पहनकर ना की जाए। शांतिवार्ता टेबल पर माउज़र रखकर की जाय, तो शांति बनने के आसार ज़्यादा होते हैं।