राजीव उपाध्याय की रिपोर्ट:-
मझौलिया।।शुक्रवार के दिन मोतीलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक महम्मद सिबिलि के द्वारा जिलाधिकारी बेतिया को एक लिखित आवेदन दिया था जिसमें सुगर मिल द्वारा फ्रेसमड,छाई, काला धुंआ आदि के प्रदूषण से छात्र छात्राओं व शिक्षकों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा था।इसी आवेदन के आलोक में माध्यमिक शिक्षा बिहार विभाग के निर्देशक गिरवर दयाल सिंह,बिहार राज्य प्रदूषण अध्यक्ष डा. अशोक घोष, जिला शिक्षा पदाधिकारी हरेन्द्र झा,डीडीसी रबिन्द्रनाथ प्रसाद, एसडीएम विद्यानाथ पासवान ने सुगर मिल प्रबन्धकों को विद्यालय में बुलाकर आवेदन सम्बंधित पूछ ताछ किया और लगायी कड़ी फटकार।इस दौरान शिक्षक और छात्र छात्राओं से मिल से हो रहे प्रदूषण पर जानकारियां ली जिसमें सभी ने बताया कि मिल चलने के बाद हवा के साथ झोंके झोंके से राख गिरती है,फ्रेसमड के गंध से पठन पाठन में होती है दिक्कत इसको लेकर उपस्थित सुगर मिल के निदेशक सीएल शुक्ला ने अस्वस्थ्य किया कि मेरे यहाँ राख रोकने की मशीन लगी है।मिल से गिला राख निकालकर दो किलोमीटर की दूरी पर रखा जता है।वही सुबह शाम पानी का फुहारा देकर धुलकड को रोका जाता है।ततपश्चात जांच करने आये टीम ने मिल द्वारा शुद्ध पानी का सयंत्र का निरीक्षण किया ।जिसमें से कुछ पानी जांच के लिए प्रदूषण विभाग द्वारा पटना ले गयी।इस दौरान लगभग दो घण्टों तक इस जांच से मिल में हड़कम्प मचा रहा।इस दौरान सीओ प्रवीण कुमार सिन्हा और बीडीओ गुरुदेव प्रसाद गुप्ता को मिल द्वारा हो रहे प्रदूषण की जांचकर हमें जानकारी देंगे।तथा गंधक पोखरा स्थित शुद्ध जल का भी सेम्पल प्रदूषण विभाग अपने साथ जांच के लिये पटना ले गयी।निदेशक सीएल शुक्ला ने बताया कि मेरे सुगर मिल में सयंत्र लगे हुये है जिसके चलते दूषित धुंआ व छाई नही निकल रहा है जबकि शुद्ध जल किसानों के खेत के पटवन के लिए गंधक पोखरा स्थित स्टोर कर रहे है।वही फ्रेसमड को दो किलोमीटर दूर फार्म पर स्टोर कर रहा हूँ।इस निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष कृष्णमुरारी गुप्ता, गन्ना महाप्रबंधक जय प्रकास त्रिपाठी सहित मिल कर्मी उपस्थित थे।





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