कुमुद रंजन सिंह की रिपोर्ट
नवादा : नरहट प्रखंड के शेखपुरा बेरौटा स्थित मां तारा देवी मंदिर एवं कब्रिस्तान तथा दरगाह के सैकड़ों वर्ष पुराने विवाद का नवादा जिला प्रसाशन के हस्तक्षेप से दिनांक 25 जून 2020 को शांतिपूर्ण समाधन हो गया है। समझौता के अनुसार नरहट अंचल अधिकारी महेश प्रसाद सिंह के उपस्थिति में दोनों पक्षों द्वारा भूमि का सीमांकन किया गया है। कब्रिस्तान के जमीन पर पिलर एवं घेराबंदी का कार्य शुरू कर दिया गया है। समझौता के बाद दोनों पक्षों के लोगों में खुशी देखी जा रही है। इस उपलक्ष्य में मंगलवार संध्या 5 बजे मां तारा देवी मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर वृन्दावन से डॉ राधवेन्द्राचार्य त्यागी जी महाराज, समाज सेवी मसीह उद्दीन, मंदिर विकास कमिटी के अध्यक्ष विजय सिंह, महेंद्र मेहता, सोना सिंह, विजय सिंह, अजय सिंह, जयराम सिंह, नवल सिंह, पूर्व मुखिया मो हामिद, मो इरसाद आदि मौजूद थे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सारीरिक दूरी का पालन करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। आपको बताते चलें कि बेरौटा शेखपुरा के बीच में सड़क गुजरी है। सड़क के उत्तरी भाग पर बेरौटा मां तारा देवी का प्रसिद्ध मंदिर है तो सड़क के दक्षिणी जामा मस्जिद एवं प्रसिध्य ख्वाजा साहब का मजार है। मंदिर के चारों तरफ कब्रिस्तान है। मंदिर और कब्रिस्तान की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में सैकड़ों वर्ष से विवाद चला आ रहा था। इस वर्ष पुराना विवाद को सुलझाने में दोनों गांवों के प्रबुध्य लोग समाजसेवी सैयद मसीह उद्दीन, प्रो विजय सिंह, महेंद्र मेहता एवं अंचल अधिकारी महेश प्रसाद सिंह का काफी सराहनीय योगदान रहा। इन सभी के प्रयास से वर्षो पुराना विवाद सुलझ गया। वर्षो पुराना विवाद सुलझ जाने पर दोनों पक्षों के ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस खुशी के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में कोरोना वायरस को देखते हुए सारीरिक दूरी का पालन करते हुए भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें दोनों समुदाय के लोगों ने शिरकत किया।