
छपरा। भोजपुरी लोक कला और संस्कृति के विरासत को सहेजने की पहल करते हुए भोजपुरी लोक चित्रकला प्रदर्शनी ऊकेरनी का आयोजन एंजल द हेल्पिंग हैंड्स के द्वारा भागवत विद्यापीठ विद्यालय में किया गया।प्रदर्शनी का उद्घाटन सारण के जिलाधिकारी अमन समीर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रदर्शनी में जिलाधिकारी ने एक-एक चित्रों और लोक कला को सूक्ष्मता से देखा और उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और विरासत को लोक कला के माध्यम से सहेजने की यह उत्कृष्ट कोशिश है। लोक कला के माध्यम से सांस्कृतिक, धार्मिक और मांगलिक कलाकृतियों को दिखाने की जो कोशिश हुआ है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि लोक कला के विकास और संवर्धन के लिए जो भी सहायता हो सकेगी वह करेंगे।प्लोक कलाकारा राज नंदनी के द्वारा बनाई गई चित्रो की एकल प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी को लेकर लोक कलाकारा राज नन्दनी ने बताया कि उन्होंने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से भोजपुरी लोक चित्रकला के मौलिकता को बरकरार रखने की कोशिश की है। भोजपुरी लोक चित्रकारी के माध्यम से सभ्यता, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, कैथी लिपि को दिखाने की कोशिश की है। कलाकृतियों के माध्यम से भोजपुरी क्षेत्र में होने वाले पर्व, त्योहारों, मांगलिक और धार्मिक आयोजनों को उकेरने की कोशिश की है।
एंजल द हेल्पिंग हैंड्स के मोहित कुमार सिंह ने बताया की संस्था की कोशिश रहती है की समाज में एक सकारात्मक चर्चा हो और परंपराओं को सहेजने में सबकी भागीदारी हो साथ ही कार्यक्रम के सहयोगी संस्था संस्कार भारती के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया ।इस अवसर पर भागवत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि कला और कलाकारों के संवर्धन और विकास के लिए यह उत्कृष्ट कार्यक्रम है। लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से अवगत कराने के इस प्रायः की उन्होंने सराहना की।

इस अवसर पर छपरा की उप-महापौर रागिनी देवी , वायरल दादी ,कलाकार मेहंदी शॉ , संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री सुरभित दत्त, जिला संयोजक राजेश चंद्र मिश्र, पी राज सिंह ,पंकज सिंह ,किरण सागर समेत गणमान्य उपस्थित थें।




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