पश्चिम चंपारण ब्यूरो प्रमुख दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
बैरिया प्रखंड के बैरिया पंचायत में वर्ष 2016 में मनरेगा द्वारा वार्ड नम्बर 5 व 6 में रीभा गैस एजेंसी नहर का 12 आरडी पुल से लेकर सजावल सिंह के बांस तक होते हुए वृर्ता गांव के पास जाकर नौतन में मिलने वाली ईंट सोलिंग सड़क बनाई गई थी। जिसका सिर्फ इस्टीमेट बना परन्तु एमभी नहीं हो सका जिसके कारण संवेदक चंद्रदेव चौधरी का सड़क ईंट सोलिंग भुगतान नहीं हो सका।
संवेदक चंद्रदेव चौधरी मुखिया से लेकर प्रखंड कार्यालय तक चक्कर लगा लगा कर 2016 से अब थक चुके हैं। तब उनके द्वारा मुखिया नवीन कुमार पर सड़क ईंट सोलिंग के भुगतान का दबाव मुखिया नवीन कुमार पर बनाया गया, पर मुखिया जी अपना हाथ खड़े कर लिए। जबकि संवेदक के कथनानुसार मुखिया नवीन कुमार ने कहा था कि यदि यह ईंट सोलिंग का कार्य 31 मार्च 2016 के पूर्व हो जाएगा तब आपका भुगतान जल्द ही हो जाएगा और संवेदक ने 2 मार्च से कार्य शुरू कर 15 मार्च तक कार्य पूरा कर लिया। कार्य पूरा करने के पश्चात तत्कालीन पंचायत रोजगार सेवक बीरेन्द्र राम आकर सड़क का फोटो भी खींच कर ले गए। तब बतौर संवेदक चंद्रदेव चौधरी के अनुसार मुखिया नवीन कुमार ने भुगतान करवाने के लिए जेई के नाम पर 23000 रूपया पीसी भी लिया पर आज तक भुगतान नहीं हो सका।
थक हार कर संवेदक स्वयं अपना पैसा निकालने के लिए सड़क के निर्माण में लगे ईंट सोलिंग को उखाड़ कर अपना हर्जाना वसूल कर रहे हैं।
जब हमारे द्वारा यह पूछा गया कि आप किसके अनुमति से यह ईंट सोलिंग उखाड़ रहें हैं तो उन्होंने बताया कि मुखिया जी ने कहा है कि मैं भुगतान नहीं करा सकता और संभव हो तो तुम ईंट और सड़क अपना ले जाओं।
क्या किसी भी जनप्रतिनिधि, संवेदक और प्रशासनिक अधिकारियों को यह अधिकार है कि बनी हुई सड़क को सिर्फ भुगतान ना होने के वजह से उखाड़ कर ले जाए? पर यह हैरत अंगेज कारनामें बैरिया पंचायत में देखने को मिल रही है।
जब इस संबंध में बैरिया मनरेगा पीओ चंद्रभान राम से जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मिलने से मना करते हुए सिर्फ यह कहा कि मेरे समय का कार्य नहीं है और मैं अनजान हूँ।
जब मनरेगा सहायक अभियंता सत्येन्द्र जी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत उक्त सड़क का इस्टीमेट बना था परन्तु मास्टर रोल नहीं बन सका जिसके कारण भुगतान नहीं हो सका। ठीक यहीं बात तत्कालीन पंचायत रोजगार सेवक बीरेन्द्र राम ने कहीं।
जब इस संबंध में डीपीओ कृष्णकांत से संपर्क किया गया तो उन्होंने बोला कि मुझे जानकारी नहीं है मैं इसकी जांच करवा कर जो भी आवश्यक कार्यवाही होगी करूंगा।
उपरोक्त संदर्भ के विषय में जिलाधिकारी बेतिया को भी सूचित किया जा चुका है और समाचार भेजने तक उनकी पक्ष अप्राप्त है।




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