छपरा।जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा कहा गया है कि फसल कटनी एवं दौनी का कार्य यथासंभव समय से पूरा किया जाय तथा इसके लिए आधिकाधिक मशीन यथा रीपर कम बाइंडर, थ्रेषर आदि का उपयोग किया जाय। हस्तचारित यंत्र तथा हँसिया आदि के उपायोग के समय दिन में कम से कम तीन बार उपकरण को साबुन पानी से अच्छी तरह धोकर संक्रमण रहित किया जाय मषीन के चालन हैंडिल, स्टीयरिंग की विषेष सफाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा है कि फसल कटनी एवं दौनी करते समय खेत में या थ्रेषिंग फ्लोर पर एक दूसरे व्यक्ति के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर रखी जाय। यह जान लें की संक्रमण रोकने के लिए समाजिक दूरी ही सबसे उपयोगी हथियार है।
मजदूर अपने खाने का बर्तन अलग-अलग रखें तथा खाना खाने के बाद इसे अच्छी तरह धो लें। पीने के पानी का बोतल अलग-अलग रखें। प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग कटाई उपकरण का उपयोग करें। एक दूसरे के यंत्र को बदल-बदल कर कदापि उपयोग नहीं करें। कटनी एवं दौनी के दौरान कुछ कुछ समय पर हाथ साबुन पानी से धोते रहें।
कटनी एवं दौनी के समय पहने गए कपड़ों का दोबारा उपयोग धोने के बाद अच्छी तरह धूप में सूखाकर हीं करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कटनी एवं दौनी के समय नाक एवं मुँह को ढकने लिए मास्क का उपयोग करें। जीविका समूह के द्वारा तैयार मास्क का उपयोग किया जा सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम, सरदद,र् बुखार के लक्षण हों तो उन्हें कदापि कटाई एवं दौनी कार्य में नहीं लगायें तथा बीमार व्यक्ति की सूचना निकट के स्वास्थ्य कर्मी को अवष्य दें।
जिलाधिकारी ने कहा है कि खेत में एवं थ्रेषिंग फ्लोर पर पर्याप्त मात्रा में पानी एवं साबुन की व्यवस्था रखा जाये। सावधानी ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है। जिला प्रषसन द्वारा समय-समय पर दिए निर्देंषों का शत-प्रतिषत अनुपालन किया जाये। फसल कटनी के उपरांत फसल अवषेष को जलाया नहीं जाये बल्कि उसका उचित प्रबंधन किया जाय।