
पहले घर घर पहुँचती थी प्रभुनाथ की “पाती” अब सीधा मोबाइल पर उतर रहा संदेश, जेलवा से लिखतानी पातीया….
विनीत कुमार, छपरा
महाराजगंज लोक सभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे प्रभुनाथ सिंह का चुनाव प्रचार करने का अपना निराला अंदाज था. भोजपुरिया माटी से जुड़े प्रभुनाथ चुनाव प्रचार के दौरान भोजपुरी में लिखी गयी “पाती” का उपयोग करते थे. प्रभुनाथ की लिखी यह पाती अंतर्देशीय के फॉर्मेट में छप कर महाराजगंज लोक सभा क्षेत्र के हर आम व खास तक पहुँचती थी.
अपनी भोजपुरिया पाती के माध्यम से लोगों तक भावुक व मार्मिक संदेश पहुचाने का प्रभुनाथ का यह अंदाज लोग पसंद करते थे. गांव देहात के बुजुर्ग खासकर इस पाती को अधिक पसंद करते थे.

प्रभुनाथ सिंह (फाइल फ़ोटो)
मगर बदले समय मे प्रभुनाथ की पाती बन्द हो गयी. इसका एक बड़ा कारण प्रभुनाथ का जेल में होना और डिजिटल युग का हावी होना भी है. स्मार्टफोन व सोशल मीडिया के इस युग मे अब सीधा लोगों के स्मार्टफोन पर प्रभुनाथ का मार्मिक संदेश पहुँच रहा है. प्रभुनाथ के जेल में होने के कारण उनकी पाती नही आ सकी है, इसके विकल्प के तौर पर “जेलवा से लिखतानि पतिया, बतिया पर करिह विचार, चाचा हो लजिया बचइह….” अब सीधा लोगों के स्मार्टफोन में उतर रहा है.
जेल से आ रहे इस मार्मिक संदेश को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और प्रभुनाथ व रणधीर के समर्थक इसे जमकर शेयर भी कर रहे हैं. इस गीत को अपनी आवाज दी है पवन बिहारी है. फिलहाल महाराजगंज लोक सभा क्षेत्र में प्रभुनाथ की पाती की जगह जेल से लिखी गयी यह पाती खूब सुनी व शेयर की जा रही है.




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