परसागढ़ गैंगरेप : आखिर विद्यालय के भीतर इतना कुछ 9 माह तक कैसे होता रहा
दीपेश्वर बाल ज्ञान निकेतन से विनीत कुमार की रिपोर्ट
परसागढ़ गैंगरेप मामले में हमने विद्यालय के भीतर गहन निरीक्षण बुधवार को किया। विद्यालय के भीतर जाने और शौचालय व कार्यालय को देखने के बाद यही सवाल दिमाग मे आया कि आखिर 9 माह तक विद्यालय के भीतर यह सब कैसे होता रहा। इस मामले में यह भी जांच का विषय है कि आखिर विद्यालय के भीतर इतना सबकुछ बीते 8-9 माह से कैसे चलता रहा और किसी को भनक तक नही लगी। बुधवार को हमने दीपेश्वर बाल ज्ञान निकेतन के प्राचार्य कक्ष (आफिस) विद्यालय के शौचालय का निरीक्षण किया।

{विद्यालय के शौचालय जाने का रास्ता}
पीड़ित युवती द्वारा जिस बाथरूम में गैंगरेप किये जाने की बात कही जा रही है वो विद्यालय के मुख्य द्वार से दक्षिण दिशा की ओर है। इस शौचालय से सटे ही एक छोटा सा कमरा है जो स्टोर रूम है जबकि उससे सटे ही एक अन्य वर्ग है जिसमे बच्चे पढ़ते हैं।

{विद्यालय के शौचालय का रास्ता लाल घेरे में}
बाथरूम में एक साथ कई लोगों का घुस पाना भी सम्भव नही है यह आप तस्वीरों में भी देख सकते हैं। ऐसे में बाथरूम में शोर शराबा होने पर बाहर तक आवाज आएगी ही। फिर भी इतना कुछ यहाँ कैसे होता रहा।

{प्राचार्य कक्ष/कार्यालय लाल घेरे में}
पीड़ित युवती ने पुलिस को दिये बयान में यह भी कहा है कि उसके साथ विद्यालय के प्रिंसिपल ने कार्यालय में दुष्कर्म किया जिसमे अन्य शिक्षक भी शामिल थे।
जिस कार्यालय की चर्चा की जा रही है वह दीपेश्वर बाल ज्ञान निकेतन के मुख्य द्वार के ठीक सामने है। कार्यालय के बगल में भी ओपन क्लासरूम है जँहा बेंच अब भी लगे थे।
यदि विद्यालय के मुख्यद्वार को खोला जाय तो ऐसे में वो प्राचार्य कक्ष के ठीक सामने है। प्राचार्य कक्ष का दरवाजा विद्यालय के मुख्य द्वार की ओर खुलता है।

मगर पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसके साथ विद्यालय के शौचालय में व आफिस में दुष्कर्म किया गया।
देखना है कि बुधवार को इस गैंगरेप मामले में नया मोड़ आने के बाद पुलिस का अनुसंधान अब किस ओर जाता है।




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