रानी मुखर्जी किया एफआईआर

दिघवारा (सारण)
भोजपुरी गीतों में अश्लीलता अश्लीलता व वलगर भावभंगिमा से बौखलाहट है,फिल्मी दुनिया में । बेबाक कलम चलाने वाले पत्रकार धनंजय सिंह को धमकियां और गालियां तो दी ही जा रही है। भोजपुरी सिने- अभिनेत्री रानी चटर्जी उर्फ साबिया सलीम शेख ने महाराष्ट्र के ठाणे (ग्रामीण) थाने में पत्रकार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करायी है।बहरहाल, भोजपुरी समाज एवं पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
बताते चलें कि पत्रकार व फिल्म समीक्षक धनंजय सिंह ने फिल्म ‘ ‘पंचाली’ पर अपनी बेबाक टिप्पणी की थी ।उन्होंने लिखा था कि पंचाली महाभारत की द्रौपदी का ही नाम है और उक्त किरदार ,गीत व भावना भंगिमाएं एक सभ्य समाज को आहत कर रही है। श्री सिंह ने कहा है कि मेरी इस टिप्पणी के बाद से मेरे एकांउट पर गालियाँ पोस्ट होने लगी ,मेरे फोन पर भी गालियां दी गई जबकि मैंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था। पीएम द्वारा टीक टाॅक प्रतिबंधित किए जाने की सुरत में खुन्नस के रूप में रानी चटर्जी ने मुझ पर एफआईआर दर्ज कराया है। ठाणे थाना(ग्रामीण) महाराष्ट्र केस नंबर 0509 दिनांक 6 जुलाई 2020 को रानी मुखर्जी उर्फ साबिया सलीम शेख ने मुझ पर नारी अपमान का आरोप लगाया है और ठाणे पुलिस धारा 35 डी,66ए व 500 के तहत निरुद्ध कर लिया है।
सोशल मीडिया पर वायर खबरों से भोजपुरी समाज एवं पत्रकारों में बौखलाहट व रोष है। लोककवि भिखारी ठाकुर आश्रम से जुड़े ललन राय ने कहा है कि भोजपुरिया समाज में गंदगी फैलाने व अश्लीलता के अभियान में हम सभी भोजपुरिया समाज पत्रकार धनंजय सिंह के साथ हैं और रानी मुखर्जी सहित अन्य किरदारों के विरुद्ध हम कोर्ट में जाएँगे ।महाराष्ट्र के सीएम उद्वव ठाकरे शायद यह भूल चुके हैं कि उनकी बुनियाद भोजपुरी प्रदेश ही है। इधर वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ सिंह, शंकर सिंह, दिलीप कुमार सिंह, अरबिन्द अनुज,अमन कुमार सिंह, दिनेश चंद द्विवेदी,कमल सेंगर, अरूण कुमार, अमित कुमार, अनुज प्रतीक, आदि ने निष्पक्ष पत्रकारिता पर सवाल उठाने और केस दर्जगी पर रोष व्यक्त की है ।