परवेज अख्तर/सिवान। पचरूखी प्रखंड निवासी सह एक दैनिक अखबार (दैनिक जागरण नहीं) से जुड़े पत्रकार रमेश कुमार सिंह को 12 फरवरी की देर रात बदमाशों ने गोली मारकर घायल कर दिया था।वहीं पुलिस के अनुसार इस कांड को अंजाम देने के लिए जेल में बंद एक कुख्यात को तीन लाख में सुपारी दी गई थी। वहीं जांच के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि जेल में बंद वह कुख्यात देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी बात कर रहा है क्यों कि कांड में जिसने कुख्यात को सुपारी दी है उनमें एक विदेश में फिलहाल है और वहां से उक्त कुख्यात से फोन पर बातचीत हो रही है। गिरफ्तार बदमाशों में सराय थाना क्षेत्र के वैशाखी निवासी वसीम अकरम, थाना क्षेत्र के चांप निवासी सुरेंद्र साह व मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी मेराजुद्दीन अंसारी है। पुलिस ने तीनों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। वहीं इनके पास से पुलिस ने एक पिस्टल, तीन गोली, दो चाकू व चार मोबाइल बरामद किया है। मामले में एसपी पूरन कुमार झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 16 फरवरी को पचरुखी थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम चौमुखा स्थित श्मशान घाट में कुछ व्यक्ति बैठकर किसी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं। उक्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पचरुखी थाना पुलिस टीम द्वारा संदर्भित स्थल पहुंच कर छापेमारी की गई। पुलिस टीम को देखकर सभी संदिग्ध व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, जिसे उपलब्ध बल के सहयोग से घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ के क्रम में अभियुक्तों ने अपना नाम वसीम अकरम, सुरेंद्र साह व मेराजुद्दीन अंसारी बताया। जांच एवं तलाशी के क्रम में इनके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस, दो चाकू एवं चार मोबाइल बरामद किया गया। इस संबंध में पचरुखी थाना अंतर्गत धारा-25 (1-बी) ए/26 आर्म्स एक्ट के तहत कांड दर्ज कर अग्रतर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पत्रकार गोलीकांड में अपनी संलिप्ता स्वीकार की। जांच से यह बात प्रकाश में आई कि 2022 से रमेश का जयगोविंद सिंह एवं भानुप्रताप सिंह उर्फ भानुप्रताप के साथ आपसी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के कारण बिहार से बाहर रहकर जयगोविंद सिंह ने जेल में बंद कुख्यात बदमाश को तीन लाख रुपया में पत्रकार रमेश सिंह को गोली मारने का सुपारी दी गई थी। गिरफ्तार अभियुक्त सुरेंद्र साह ने बताया कि उसकी मुलाकात उक्त कुख्यात बदमाश से जेल में हुई थी। उसी के माध्यम से इन तीनों अभियुक्तों को उक्त घटना को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था।