नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म मामले में 10 साल का सश्रम कारावास
◆पचास हजार रुपये का जुर्माना, इसकी 80 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश
◆ एक वर्ष में फैसला सुनाया गया

【परवेज अख्तर/सिवान】
सीवान. प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी पाते हुए दस बर्ष की सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया है. जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है और बाकी राशि बिहार सरकार को दिया जाएगा. बताते चलें कि यूपी के देवरिया जिले के भाटपार रानी थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव की एक लड़की अपने ननिहाल मैरवा थाना के अटवां गांव में रहती थी वह नौंवी क्लास की छात्रा थी. 28 नवंबर 2018 को गांव के बाहर अरहर के खेत में शौच करने के लिए गई थी उसी गांव का ही त्रिभुवन पटेल उम्र 45 वर्ष ने उसे दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया. दुष्कर्म के बाद आरोपी ने धमकी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताएगी नहीं तो जान से मार देंगे. पीड़िता ने घर वालों को आपबीती बताई. घर वालों ने मैरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए गये लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर महिला थाना कांड संख्या 82/18 दर्ज कराई. न्यायालय में पीड़िता, दीपक ठाकुर, गया ठाकुर, शिव प्रसाद शर्मा, सुभाष ठाकुर,डा़ मिताली तथा प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुपमा ने इस मामले में गवाही दी थी. कोर्ट ने एपीपी नरेश कुमार सिंह तथा बचाव पक्ष से जय प्रकाश कुशवाहा ने बहस की. बहस सुनने के बाद आरोपी त्रिभुवन पटेल को दुष्कर्म मामले में दोषी पाया गया. ज्ञात हो कि इस मामले में कोर्ट द्वारा एक वर्ष में फैसला सुनाया गया है. इस मामले में पीड़िता के परिजनों को त्वरित न्याय मिला है.
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