दिल्ली से अपहृत आयुष 16 में दिन मढ़ौरा से हुआ बरामद, एक को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

मढ़ौरा,सारण । 
दिल्ली के ज्वालापुरी से अपहृत एक आठ वर्षीय बच्चा आयुष शुक्रवार की देर संध्या मढ़ौरा से बरामद हो गया । आयुष का बरामद होने की घटना पुरी तरह से नाटकीय रहा । इसमें नपं वार्ड 6 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शम्भू महतों की प्रमुख भुमिका रही । बच्चें को दो अज्ञात व्यक्ति गुरुवार को पकहां बिन टोली के एक घर में यह कह कर रख कर चले गए थे की अभी कहीं आने जाने में बहुत असुविधा है । बच्चा मेरा बेटा है इसे आप दो दिन अपने घर मे रखिये हम दो दिन बाद आकर इसे ले जाएंगे ।

इसकी जानकारी वार्ड पार्षद प्रतिनिधि को जब हुआ तो उन्हे संदेह हुआ । जब उन्होंने बच्चे से प्यार से पूछताछ की तो बच्चे नें अलग तरह की जानकारी दी, जिससे संदेह हुआ । बच्चें ने अपना घर दिल्ली बताया और दिल्ली का पता बी- 530 ज्वालापुरी भी बताया । अपहृत बच्चा आरुष अपना नाम अपने पिता का नाम प्रकाश पाण्डेय, माता का नाम गोल्डी पाण्डेय और विधालय का नाम न्यू सरस्वति पब्लिक स्कुल बता रहा था लेकिन उसे किसी का मोबाइल नम्बर नही पता था । शंम्भू महतों ने इसकी जानकारी स्थानीय थाना को दी । इसके पहले बच्चे से बताये स्कूल का गूगल सर्च कर विधालय के वेवसाइट पर दिये नम्बर से बात की और आरुष के पिता का नम्बर पर बात की । जब बच्चे के पिता से वीडीओ काल बात हुई तो बच्चें ने माता पिता को पहचान लिया । आरुष के माता पिता आरुष की तलाश में दिल्ली पुलिस के साथ पांच दिन से छपरा की खाक छान रहे थे। देर रात तक दिल्ली पुलिस आरुष के माता पिता और मामा मढ़ौरा थाना पहुंचे । दिल्ली पुलिस ने आरुष को अपने कब्जे में ले लिया । वही आरुष को सामने देख माता पिता बेहाल होकर बच्चें को गले लगा लिया । इधर इस सब बात से अंजान एक अपहरणकर्ता शनिवार को बच्चा को वापस ले जाने पकहां पहुंच गया । इसको पकड़ कर ग्रामिणों ने पुलिस के हवाले कर दिया है ।

11 मार्च से घर से गायब था आरुष,अपहरण का था मामला 

आरुष इस महिने के 11 मार्च से अपने घर से गायब हुआ था , जिसके तलाश में परिजन भटक रहे थे । मामले को लेकर आरुष के पिता प्रकाश पांडये ने दिल्ली के स्थानीय थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया था । अपहरणकर्ता के मिले एक सुराक के आधार पर आरुष के माता पिता दिल्ली पुलिस के साथ पांच दिन पहले से छपरा का खाक छान रहे थे और निराशा में थे । इसी बीच संयोग था कि ग्रामीणों ने आरुष की बात उनसे करा दी । 

ड्राइवर और गार्ड ने फिरौती के लिये गायब किया था बच्चा 

मिल रही जानकारी के अनुसार अपहरण की घटना में आरुष के पिता का ड्राइवर और गार्ड संलिप्त थे । अपहरणकर्ताओं ने फिरोती के लिये छपरा बुलाया था इसी को लेकर दिल्ली पुलिस तलाश में छपरा पहुंची थी । बच्चा को छुपाने के लिये अपहरणकर्ताओं ने अपना बच्चा बताकर पकहां के एक परिवार में लॉग आउट की परेशानी बता कर दो दिन के लिये रख दिया था। उनका यही प्लान उल्टा पड़ गया और ग्रामीणों ने बच्चें को उसके माता पिता तक सम्पर्क खोज लिया । अपहरण कर्ताओं ने बच्चे के साथ मारपीट भी की थी और किसी को कुछ नही बताने के लिये धमकाया भी था ।