जदयू को अब भाजपा प्यारा लगता है केसी त्‍यागी बोले- BJP के साथ सहज थी पार्टी
☞”दैनिक खोज खबर” के लिए अतुलकशयप की रिपोर्ट:पटना राष्ट्रपति चुनाव में जदयू द्वारा रामनाथ कोविंद को समर्थन के बाद महागठबंधन की दरार सतह पर आती दिख रही है। हालांकि, डैमेज कंट्रोल के प्रयास भी तेज हैं, लेकिन जदयू महासचिव और राज्यसभा सांसद केसी त्‍यागी ने राजद से गठबंधन तोड़ने का इशारा कर हड़कम्‍प मचा दिया है। उन्होंने कहा है कि जब भाजपा के साथ गठबंधन था तो उनकी पार्टी काफी सहज थी।
केसी त्‍यागी कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के सोमवार को दिए बयान पर प्रतिक्रया दे रहे थे। उन्‍होंने कहा, ऐसे बयान बर्दाश्‍त नहीं किए जाएंगे। इस तरह के बयानों से गठबंधन की उम्र घटती है। जदयू नेता ने फिर दोहराया कि कि उनकी पार्टी राष्‍ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को ही समर्थन देगी।
जदयू ने कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद के उस बयान पर विरोध जताया, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि मीरा कुमार की हार पर सबसे पहला निर्णय नीतीश कुमार ने लिया है। आजाद ने कहा था कि जो लोग एक सिद्धांत में विश्वास करते हैं, वो एक फैसला लेते हैं। और जो लोग कई सिद्धांतों में विश्वास करते हैं, वो अलग-अलग फैसले लेते हैं।
केसी त्‍यागी ने कहा कि महागठबंधन के किसी दल के आला नेता के खिलाफ ऐसी बयानबाजी सही नहीं है। उन्‍होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ‘कांग्रेस गांधी और नेहरू का सपना पूरा नहीं कर पाई। हम यूपीए में नहीं हैं और हम एनडीए से भी बाहर हैं। हमें दूसरी पार्टियां सुझाव ना दें।’
के सी त्‍यागी ने कहा, ‘हम पांच साल बिहार गठबंधन चलाना चाहते थे, लेकिन ऐसे बयान बर्दाश्‍त नहीं किए जाएंगे। जदयू गुलाम नबी आजाद के गैर दोस्‍ताना बयान से सहज नहीं है।