चैनपुर में सेविका नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर ग्राम सभा में दूसरे बार भी हुआ हंगामा,नियोजन स्थगित
#धर्मेन्द्र कुमार/तरैया (सारण):
चैनपुर पंचायत के वार्ड 09 में आंगनबाड़ी सेविका नियुक्ति वितरण पत्र को लेकर गुरुवार को दूसरे बार भी ग्राम सभा आयोजित किया गया। जिसमे हंगामा हो गया।यही 01 अगस्त को भी ग्राम सभा मे हंगामा हुआ था।जिसे पुलिस के हस्तक्षेप से शांत कराया गया था।पूर्व में 01 अगस्त को ग्राम सभा वार्ड सदस्य राजा कुमार साह, पंच चंपा देवी एवं प्रवेक्षिका लवली कुमारी की अध्यक्षता में शुरू हुआ था।पर्यवेक्षिका ने मेघा सूची पढ़कर जैसे ही सुनाया।जिसमें एक नम्बर पर 69.2% अंक के साथ आरती कुमारी का नाम था।दूसरे नम्बर पर 67.6% अंक के साथ गुड़िया कुमारी का नाम था।तब ग्राम सभा में गुड़िया के परिजन यह कहकर हंगामा करने लगे कि गुड़िया दिव्यांग है।इसलिए इसे 05% ग्रेस मिलना चाहिए जो नहीं मिला है।जबकि पर्यवेक्षिका ने कहा कि ऑन लाइन आवेदन के समय दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है।जिस कारण मेधा सूची में अंकित नहीं है।इस पर ग्रामीण हंगमा करने लगे।जबकि आरती के परिजनों ने आरोप लगाया कि फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर हंगमा किया जा रहा है।हंगामा को देखते हुए पर्यवेक्षिका लवली कुमारी ने सेविका नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम स्थगित कर दिया।और कहा कि वरीय पदाधिकारी के आदेश के बाद फिर ग्राम सभा होगा।जिसको लेकर फिर 08 अगस्त को ग्राम सभा का आयोजन किया गया।जिसमें प्रवेक्षिका मेघा सूची के पहले नम्बर अभ्यर्थी आरती कुमारी को सेविका का नियोजन पत्र दे रही थी।जिसको लेकर दूसरे नम्बर के अभ्यर्थी के समर्थक हंगामा करने लगे।प्रवेक्षिका के निर्णय को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और जमकर हंगामा करने लगे।जब ग्रामीणों ने पर्यवेक्षिका से पूछा कि किस वरीय पदाधिकारी के आदेश से आपने ग्राम सभा किया और नियुक्ति पत्र दे रही है तो पर्यवेक्षिका ने किसी पदाधिकारी का आदेश नहीं दिखाया।तो दूसरे नम्बर के अभ्यर्थी गुड़िया कुमारी द्वारा एक आवेदन पत्र दिखाया गया जो जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दिया गया है। जिसमें आवेदन के समय दिव्यांग प्रमाण पत्र छूटने की बात कही गयी है।जिसे कार्यक्रम पदाधिकारी ने सीडीपीओ को जाँच में दिया है।इसी बात पर ग्रामीण पर्यवेक्षिका पर गलत बहाली करने का आरोप लगाते हुए उग्र हो गये और जमकर हंगामा करने लगे।फिर पर्यवेक्षिका को पुलिस कस्टडी में वहाँ से भागना पड़ा और बहाली पुनःस्थगित हो गया।ग्राम सभा
के दौरान हुए हंगामा और पर्यवेक्षिका पर मनमानी तरीके के बहाली एवं बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के पुनः दोबारा नियुक्ति पत्र वितरण करने का आरोप जब ग्रामीणों ने पर्यवेक्षिका पर लगाया तो पर्यवेक्षिका के मोबाइल नम्बर 9102925963 पर फोन करने पर कॉल रिसीव नही किया।जिससे वह अपना पक्ष नही रख पायी।




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