चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान आज से शुरू

मशरक (सारण) लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ मंगलवार से नहायखाय के साथ शुरू होने वाले इस पर्व का समापन उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य के साथ हो जाएगा। पर्व को लेकर घरों में उत्सवी माहौल है। बाजार में भी पर्व के लिए उपयोगी सामान सज गए हैं। अधिकांश व्रतियों ने तो इसकी खरीदारी भी कर ली है। अनुष्ठान के दूसरे दिन 10 अप्रैल बुधवार को खरना, 11 अप्रैल गुरूवार को प्रथम अ‌र्घ्य एवं 12 अप्रैल शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाएगा।नहाय -खाय के दिन व्रती पवित्रता के साथ चावल, चने का दाल, लौकी की सब्जी व पकौड़ी सेंधा नमक में बनाकर ग्रहण करती हैं। इसके अगले दिन उपवास रहकर शाम में विधि विधान से खरना का प्रसाद बनाती हैं। दूध, गुड़ और अरवा चावल का खीर, रोटी व फल भगवान सूर्य को समर्पित किया जाता है। इसके अगले दिन सायंकालीन अ‌र्घ्य प्रदान करने के बाद सुबह में उगते सूर्य की आराधना के साथ पर्व का समापन होगा।पर्व को लेकर शहर से गांव तक घाटों की साफ-सफाई का काम चल रहा है। नदी से लेकर तालाब तक में व्रतियों के परिजनों ने सफाई की है। छठ गीतों से भी माहौल भक्तिमय हो गया है।आज बड़वाघाट घोघारीनदी में स्नानध्यान कर भगवान राम-सीता मंदिर में पूजा अर्चना कर भगवान सूर्य देव की आराधना करने के बाद अपने घर पर आकर स्वक्षता पूर्वक छठी माई के पर्त आरंभ किए ।