• संजीवनी नर्सिंग होम में हुआ सम्मान समारोह
• तमाम मुश्किलों और चुनौतियों के बावजूद अभिरूचि ने हासिल की सफलता
• सिविल कोर्ट में वकिल है पिता, अभिरूचि भी करती थी वकालत
छपरा। छपरा शहर के मिशन रोड निवासी रामदया यादव की पुत्री अभिरूचि कुमारी ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रौशन किया है। वह लॉ ऑफिसर के पद पर चयनित हुई है। ऑल इंडिया में 26 सीट के लिए परीक्षा हुई थी। जिसमें सारण की अभिरूचि ने भी सफलता हासिल की है। सफलता मिलने के बाद छपरा शहर के श्यामचक स्थित संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अनिल कुमार के द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें एग्जाइमनर आफ ट्रेड मार्क्स के पद चयनित अभिरूचि और उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया। डॉ. अनिल कुमार के द्वारा फूलों का माला और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि इस अभिरूचि को अभिरूचि बनाने में उनके पिता का सबसे बड़ा योगदान है। अगर सच्चे मन और लगन से मेहनत की जाये तो सफलता जरूर मिलती है। अभिरूचि ने यह अपना नया अध्याय शुरू किया है। इसके आगे कई और अध्याय शुरू होगा। लेकिन इस परीक्षा सफलता हासिल कर अभिरूचि ने एक अध्याय को खत्म कर दिया और अब नया अध्याय की ओर बढ़ रही है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। पतंग जितना उंच्चा जाता है, आपका सिर और ऊपर उठता जाता है। इसका मतलब है कि पतंग को उड़ाने वाला तो उसी छत और जमीन पर रहता है लेकिन पतंग उच्चाईयों को छू लेती है। आज इसी का उदाहरण अभिरूचि के पिता ने पेश किया है। इस मौके पर डाक विभाग के पीआरओ डॉ. श्याम शरण ने कहा कि समाज की सृदृढि के लिए संजीवनी परिवार के मुखिया डॉ. अनिल कुमार का काफी योगदान है। वह अपने प्रोफेशन से अलग हटकर समाज के लिए बहुत कुछ कर रहे है। जो आनेवाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा। उन्होने अभिरूचि के इस सफलता पर बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। रिबेल के निदेशक डॉ. विक्की आनंद ने कहा कि अभिरूचि उनकी छात्रा रही है। वह पढ़ने में काफी तेज थी। इस मौके पर डॉ. अनिल कुमार के द्वारा 10 हजार नगद चेक और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर अधिवक्कता अभय कुमार, तरूण कुमार, डॉ. श्याम शरण, श्वेतांक राय पप्पू, श्वेता कुमारी, रीता कुमारी, चिन्टू कुमार, धन्नजय कुमार समेत अन्य शामिल थे।

तमाम चुनौतियों के बावजूद हासिल की सफलता:
शहर के मिशन रोड निवासी व छपरा सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रामदया यादव की पुत्री अभिरूचि ने अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से छपरा सिविल कोर्ट में अपने पिता के साथ अवकालत करती थी। बीएचयू से एलएलबी की पढ़ाई की उसके बाद अवकालत कर रही थी। उसके इस सफलता के राह में कई चुनौतियां भी आयी। उसकी तबियत खराब रहने लगी। उसका सेहत साथ नहीं दे रहा था। इसके बावजूद वह अपना हिम्मत नहीं हारी और आज इस सफलता के मुकाम तक पहुंच गयी। अभिरूचि काफी मध्यम परिवार से है। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरूजनों को दी है। इस मौके पर उनके माता पिता ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी का इजहार किया है।